आवारा कुत्तों का मुद्दा: सरकार ने ‘आप' पर लगाया गलत सूचना फैलाने का आरोप, दर्ज करवाई एफआईआर

Edited By Updated: 02 Jan, 2026 03:49 PM

the government accused aap of spreading misinformation on the stray dog  issue

दिल्ली पुलिस ने शिक्षा निदेशालय की उस शिकायत पर शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें आवारा कुत्तों से संबंधित मामलों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में एक परिपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया गया था। दिल्ली के...

नेशनल डेस्क: दिल्ली पुलिस ने शिक्षा निदेशालय की उस शिकायत पर शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें आवारा कुत्तों से संबंधित मामलों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में एक परिपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया गया था। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा इस मुद्दे पर फैलाई जा रही "गलत सूचनाओं" के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में बीएनएस की धारा 353 (1) (किसी भी बयान, झूठी सूचना, अफवाह या रिपोर्ट को बनाना, प्रकाशित करना या प्रसारित करना, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भी शामिल है) और 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना, यदि दंगा किया जाता है) के तहत प्रथमिकी दर्ज की गई है।

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सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केजरीवाल ने पहले सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट किया था जिसमें दावा किया गया था कि दिल्ली के शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के बजाय आवारा कुत्तों की गिनती करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इस ट्वीट के संबंध में बृहस्पतिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।'' सूद ने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जानबूझकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पार्टी खुद को पीड़ित के रूप में पेश करना शुरू कर देगी। सिविल लाइंस पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि ‘‘एक कथित निर्देश को लेकर सोशल मीडिया मंच पर अज्ञात/शरारती व्यक्तियों द्वारा झूठी, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण जानकारी फैलाई जा रही है कि स्कूल शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करने का निर्देश दिया गया है।'' शिकायत में कहा गया, ‘‘ यह देखा गया है कि दुर्भावनापूर्ण इरादे से झूठी और मनगढ़ंत खबरें फैलाने के जानबूझकर प्रयास किए गए हैं, जिससे शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों के बीच भ्रम और दहशत पैदा हुई है, शिक्षा विभाग की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और सार्वजनिक आदेश तथा सरकारी संस्थानों में विश्वास में बाधा उत्पन्न हुई है।" शिक्षा विभाग ने कहा कि उसके परिपत्र में आवारा कुत्तों की गिनती का कोई जिक्र नहीं है।

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शिकायत में कहा गया, ‘‘इस संबंध में शिक्षा विभाग ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि शिक्षा निदेशालय द्वारा इस तरह के कोई निर्देश कभी जारी नहीं किए गए हैं।'' शिकायत में कहा गया, ‘‘ इसके अलावा, सोशल मीडिया पर कुछ व्यक्तियों द्वारा शिक्षक बनकर आवारा कुत्तों की गिनती करने के मामले भी सामने आए हैं, जिनकी तत्काल जांच की जानी चाहिए और उचित कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।'' सरकार ने गलत सूचना फैलाने वाले सोशल मीडिया मंचों की एक सूची भी जारी की है। इसी बीच दिन में सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के चिह्न वाला एक छोटा कार्ड दिखाया, जिस पर ‘‘विक्टिम कार्ड'' लिखा हुआ था। उन्होंने कहा कि यह पार्टी की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी सोशल मीडिया पर अपनी आक्रामक राजनीति जारी रखने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन हम अपनी तरफ से सभी कानूनी कार्रवाई करेंगे।"

सूद ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी परिपत्र को पढ़ते हुए कहा कि इसमें शिक्षकों को इस संबंध में कोई जिम्मेदारी सौंपे जाने का जिक्र नहीं है। इस प्रपत्र में स्कूलों में आवारा कुत्तों से संबंधित मामलों के समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति का उल्लेख है। मंत्री ने कहा, "आवारा कुत्तों से संबंधित मामलों में स्कूल शिक्षकों को कोई भूमिका नहीं दी गई है।"

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