इस खतरनाक से बीमारी से हर 8 मिनट में हो रही एक की मौत, महिलाओं पर खतरा ज्यादा! इन संकेतों से रहें सावधान वरना...

Edited By Updated: 18 Jan, 2026 01:08 PM

cervical cancer one woman dies every 8 minutes in india

महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद डरावना आंकड़ा सामने आया है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) इतनी तेजी से पैर पसार रहा है कि हर 8 मिनट में एक महिला इसके कारण दम तोड़ रही है। पहले यह माना जाता था कि यह बीमारी...

Cancer Death In 8 minutes: महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद डरावना आंकड़ा सामने आया है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) इतनी तेजी से पैर पसार रहा है कि हर 8 मिनट में एक महिला इसके कारण दम तोड़ रही है। पहले यह माना जाता था कि यह बीमारी केवल बड़ी उम्र की महिलाओं को होती है लेकिन अब 20-30 साल की युवतियां भी इसकी चपेट में आ रही हैं।

क्या है इसका मुख्य कारण?

भंगेल सीएचसी की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक के अनुसार सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा विलेन एचपीवी (HPV - ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) है। यह वायरस मुख्य रूप से शारीरिक संबंध (सेक्स) के जरिए फैलता है। एचपीवी के लगभग 200 प्रकार हैं लेकिन टाइप 16 और 18 सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। लगभग 95 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामलों की जड़ लंबे समय तक रहने वाला एचपीवी इंफेक्शन ही होता है।

PunjabKesari

किन महिलाओं को है सबसे ज्यादा खतरा?

डॉ. पाठक ने उन स्थितियों को स्पष्ट किया है जिनमें इस कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है:

  1. जल्दी सक्रियता: कम उम्र में शारीरिक संबंध बनाना या जल्दी प्यूबर्टी आना।

  2. जीवनशैली: धूम्रपान (स्मोकिंग), शराब का सेवन और लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों (Oral Contraceptive Pills) का इस्तेमाल।

  3. कमजोर इम्यूनिटी: एचआईवी (HIV) जैसी बीमारियां जो शरीर की लड़ने की शक्ति कम कर देती हैं।

  4. अन्य कारण: बार-बार गर्भधारण करना या मल्टीपल पार्टनर होना।

PunjabKesari

शुरुआती लक्षण जिन्हें भूलकर भी न करें नजरअंदाज

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण अक्सर सामान्य समझकर छोड़ दिए जाते हैं जो आगे चलकर जानलेवा बनते हैं:

  • असामान्य ब्लीडिंग: पीरियड्स के बीच में खून आना, संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग या मेनोपॉज (पिरियड्स बंद होने) के बाद अचानक खून आना।

  • सफेद पानी: योनि से बदबूदार और पानी जैसा डिस्चार्ज होना।

  • एडवांस्ड लक्षण: तेजी से वजन कम होना, कमर या पीठ में लगातार दर्द, पेशाब में दिक्कत और कब्ज की समस्या।

यह भी पढ़ें: Interest-Free Loan Scheme: इस राज्य के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: अब बिना ब्याज के मिलेगा 10 लाख तक का लोन

बचाव और जांच: कैसे सुरक्षित रहें?

जागरूकता ही इस बीमारी का सबसे बड़ा इलाज है। डॉक्टर दो मुख्य तरीके सुझाते हैं। यह वैक्सीन संक्रमण को कैंसर में बदलने से रोकती है। छोटी बच्चियों और युवा महिलाओं को यह टीका जरूर लगवाना चाहिए। यह एक साधारण स्क्रीनिंग टेस्ट है जिससे कैंसर होने से कई साल पहले ही गर्भाशय में हो रहे बदलावों का पता लगाया जा सकता है।

PunjabKesari

इलाज के विकल्प

कैंसर का पता चलने के बाद डॉक्टर स्टेजिंग के आधार पर इलाज तय करते हैं:

  1. शुरुआती स्टेज: केवल सर्जरी (हिस्ट्रेक्टोमी) के जरिए कैंसर वाले हिस्से को हटा दिया जाता है।

  2. एडवांस्ड स्टेज: सर्जरी के साथ-साथ रेडिएशन या कीमोथेरेपी की जरूरत पड़ती है।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!