Edited By Yaspal,Updated: 09 Jul, 2022 01:47 AM

दक्षिण कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने से पंद्रह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में 25 टेंट तथा तीन सामुदायिक
नेशनल डेस्कः दक्षिण कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने से पंद्रह लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में 25 टेंट तथा तीन सामुदायिक रसोईघर नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि तीन लोगों को बचाया गया है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के बीच शाम साढ़े पांच बजे बादल फटा। उन्होंने कहा कि गुफा के बाहर आधार शिविर में अचानक पानी आने से 25 टेंट और तीन सामुदायिक रसोईघर नष्ट हो गए ,जहां तीर्थयात्रियों को भोजन दिया जाता है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
एनडीआरएफ- 011-23438252, 011-23438253
कश्मीर डिवीजन- 0194- 2496240
श्राइन बोर्ड- 0194-2313149
अधिकारियों ने कहा कि घटना में पंद्रह लोगों की मौत हो गई और पुलिस, सेना तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मी बचाव अभियान में लगे हैं। एनडीआरएफ का एक दल पहले से मौजूद है, जबकि दो और दल पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट किया, “श्री अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की घटना से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। मनोज सिन्हा जी से बात की और स्थिति की जानकारी ली।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बचाव और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता मुहैया कराई जा रही है।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय बलों और जम्मू कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिया कि अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से प्रभावित लोगों को बचाने का कार्य तेजी से किया जाए। शाह ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर के स्थिति का जायजा लिया।
शाह ने कहा, “बाबा अमरनाथ जी की गुफा के पास बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के संबंध में मैंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगे हैं। लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूं।” सिन्हा ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रखे हैं और उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तीर्थयात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।