Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 May, 2025 02:45 PM

भारत सरकार डिजिटल पहचान के क्षेत्र में एक नया बड़ा कदम उठाने जा रही है। जहां पहले आधार ने लोगों की पहचान सुनिश्चित की और यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट्स को आसान बनाया, अब सरकार डिजिटल एड्रेस आईडी (Digital Address ID) लाने पर विचार कर रही है। इस नई पहल का...
नेशनल डेस्क: भारत सरकार डिजिटल पहचान के क्षेत्र में एक नया बड़ा कदम उठाने जा रही है। जहां पहले आधार ने लोगों की पहचान सुनिश्चित की और यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट्स को आसान बनाया, अब सरकार डिजिटल एड्रेस आईडी (Digital Address ID) लाने पर विचार कर रही है। इस नई पहल का मकसद हर नागरिक का सटीक और विश्वसनीय डिजिटल पता बनाना है, जिससे सरकारी और निजी सेवाओं में तेजी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
डिजिटल एड्रेस आईडी की खासियत
डिजिटल एड्रेस आईडी की खासियत यह होगी कि इसके जरिए व्यक्ति के घर या स्थान को बहुत ही सही तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, साथ ही कूरियर, ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी जैसी सेवाओं में भी गड़बड़ी कम होगी।
डिजिटल एड्रेस सिस्टम की निगरानी
इस सिस्टम को डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स तैयार कर रहा है और प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी में इसे जल्द ही आम जनता से सुझाव लिए जाएंगे। सरकार इस योजना को सशक्त बनाने के लिए संसद में एक कानून भी पेश कर सकती है, ताकि एक विशेष प्राधिकरण बनाया जा सके जो डिजिटल एड्रेस सिस्टम की निगरानी करेगा।
अभी तक भारत में ऐसा कोई समग्र डिजिटल पता प्रणाली मौजूद नहीं है, जिससे लोगों के पते की शुद्धता सुनिश्चित हो सके। कई बार पता गलत या अधूरा लिखे जाने की वजह से सेवाओं में देरी होती है, जिससे देश को हर साल अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। इस नए डिजिटल एड्रेस आईडी से इस समस्या का समाधान हो सकेगा।
डिजिटल एड्रेस साझा करने के लिए व्यक्ति की सहमति अनिवार्य
यह ध्यान रखा जाएगा कि डिजिटल एड्रेस साझा करने के लिए व्यक्ति की सहमति अनिवार्य होगी, ताकि निजता का पूरा ख्याल रखा जा सके। डेटा की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा ताकि किसी भी व्यक्ति के पते की जानकारी बिना अनुमति के किसी अन्य पक्ष को न दी जाए।
सरकार की इस नई पहल से डिजिटल इंडिया के सपने को और मजबूती मिलेगी और देश में हर नागरिक की डिजिटल पहचान को एक नई दिशा मिलेगी।