Edited By Mehak,Updated: 19 Jan, 2026 05:43 PM

सेहत के लिए विशेषज्ञ अक्सर चीनी कम या पूरी तरह छोड़ने की सलाह देते हैं। अगर कोई 14 दिन तक चीनी का सेवन बंद कर दे, तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव दिखते हैं। चेहरे की सूजन घटती है, पेट हल्का महसूस होता है, लिवर पर बोझ कम होता है और पाचन बेहतर होता है।...
नेशनल डेस्क : सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए अक्सर विशेषज्ञ चीनी कम या पूरी तरह छोड़ने की सलाह देते हैं। हालांकि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में चाय, मिठाई और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों में चीनी होने के कारण इसे छोड़ना आसान नहीं होता। लेकिन ज्यादा चीनी शरीर को फायदा कम और नुकसान ज्यादा पहुंचाती है।
Gastroenterologist डॉ. के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति 14 दिनों तक चीनी का सेवन पूरी तरह बंद कर दे, तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव दिखने लगते हैं। इस दौरान चेहरे की सूजन कम हो सकती है क्योंकि शरीर में पानी रुकना घट जाता है। पेट हल्का और कम फूला हुआ महसूस होता है, क्योंकि इंसुलिन का स्तर संतुलित होने लगता है। लिवर पर शुगर का बोझ कम होता है, जिससे फैटी लिवर का खतरा घट सकता है। इसके साथ ही पाचन तंत्र बेहतर होता है, गैस और पेट फूलने की समस्या कम होती है। त्वचा भी साफ दिखने लगती है और मुंहासे कम हो सकते हैं।
नो शुगर डाइट के दौरान कुछ चीज़ों से खासतौर पर परहेज करना जरूरी होता है। मीठे ड्रिंक्स जैसे सोडा, पैकेज्ड जूस, मीठी कॉफी, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड स्मूदी नहीं लेनी चाहिए। केचप, बार्बिक्यू सॉस और मीठी चटनियों से भी दूरी बनानी होती है। फ्लेवर्ड योगर्ट, आइसक्रीम, चॉकलेट मिल्क, केक, कुकीज, डोनट्स, मीठे सीरियल और कैंडी जैसी चीजें भी डाइट से बाहर रखनी चाहिए। यहां तक कि चाय, मिठाई और हलवा में भी चीनी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि नो शुगर डाइट अपनाते समय खुद को मोटिवेट रखना बहुत जरूरी है। इसे एक दिन का फैसला नहीं बल्कि लंबी प्रक्रिया मानें। पानी ज्यादा पिएं, छिपी हुई चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचें और मीठा खाने के लिए कहने पर साफ मना करें। सही सोच और नियमित प्रयास से चीनी छोड़ना संभव है और इसका असर सेहत पर साफ नजर आता है।