Edited By Rohini Oberoi,Updated: 12 May, 2026 03:56 PM

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राष्ट्रीय राजधानी में जब्त किए गए लगभग 1,700 किलोग्राम मादक पदार्थों के निपटान की निगरानी करते हुए मंगलवार को कहा कि इन पदार्थों का निस्तारण अपराध पर कानून की और नशे पर उम्मीद की जीत का प्रतीक है।
नेशनल डेस्क। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राष्ट्रीय राजधानी में जब्त किए गए लगभग 1,700 किलोग्राम मादक पदार्थों के निपटान की निगरानी करते हुए मंगलवार को कहा कि इन पदार्थों का निस्तारण अपराध पर कानून की और नशे पर उम्मीद की जीत का प्रतीक है।
अधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन मादक पदार्थों की कीमत करीब 72 करोड़ रुपये थी। इस अवसर पर, संधू ने दिल्ली को 2027 तक नशामुक्त बनाने के व्यापक अभियान के तहत शहर के पहले समर्पित 'मादक पदार्थ-रोधी कार्य बल' (एएनटीएफ) पुलिस थाने की स्थापना को मंजूरी देने की घोषणा की।
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उपराज्यपाल ने कहा, यह आयोजन केवल जब्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट करने को लेकर ही नहीं है। यह तस्करों के उस तंत्र को खत्म करने के बारे में भी है, जो युवाओं के लिए खतरा पैदा करता है, परिवारों को कमजोर करता है और समाज के भविष्य को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने इसे कानून और उम्मीद की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 'नशामुक्त भारत' का दृष्टिकोण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय अभियान और सामाजिक जिम्मेदारी है।
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संधू ने बताया कि दिल्ली पुलिस प्रवर्तन कार्रवाई, वित्तीय जांच और संपत्ति कुर्क करने के माध्यम से मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके साथ ही 'नशा नॉट कूल' जैसे निवारक अभियानों को भी मजबूत किया जा रहा है।