अहमदाबाद में ED का बड़ा एक्शन: अनस ग्रुप के 9 ठिकानों पर छापा, नकदी, सोना-चांदी और दुबई लिंक की जांच तेज

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 09:14 PM

enforcement directorate anas group cash gold silver seized

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के कथित उल्लंघन को लेकर तंबाकू कारोबारी अनस ग्रुप और उससे जुड़े साझेदारों पर व्यापक कार्रवाई की है।

नेशनल डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के कथित उल्लंघन को लेकर तंबाकू कारोबारी अनस ग्रुप और उससे जुड़े साझेदारों पर व्यापक कार्रवाई की है। शहर में समूह से संबंधित नौ परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया, जिससे कारोबारी हलकों में हलचल मच गई।

किन ब्रांड्स से जुड़ा है मामला?

अनस ग्रुप “Amber Tobacco”, “Umda Tobacco” और “Sama Filter Khaini” जैसे ब्रांड्स के तहत तंबाकू उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्माण करता है। जांच एजेंसी को इनपुट मिले थे कि समूह से जुड़े लोगों ने दुबई के हाई-एंड इलाकों में संपत्तियां और अन्य व्यवसायों में निवेश किए हैं। एजेंसी को आशंका है कि इन निवेशों के लिए धन हवाला और अन्य अनधिकृत माध्यमों से विदेश भेजा गया।

 तलाशी में क्या-क्या मिला?

ED की छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा और कीमती धातुएं बरामद की गईं। जब्ती का संक्षिप्त ब्योरा इस प्रकार है:

  • भारतीय मुद्रा: लगभग ₹1.01 करोड़
  • विदेशी मुद्रा : करीब ₹33.34 लाख
  • सोने की 16 ईंटें: लगभग 1.6 किलोग्राम (अनुमानित मूल्य ₹2.5 करोड़)
  • चांदी की 168 ईंटें: लगभग 80 किलोग्राम (अनुमानित मूल्य ₹2 करोड़)

कुल बरामदगी का अनुमानित मूल्य करीब ₹5.84 करोड़ आंका गया है। इसके अलावा दुबई स्थित संपत्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।

 दुबई कनेक्शन और हवाला एंगल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि समूह से जुड़े कुछ व्यक्तियों और परिवार के सदस्यों का विदेशी निवेश से संबंध हो सकता है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या फंड ट्रांसफर FEMA के प्रावधानों के अनुरूप थे या हवाला जैसे अवैध चैनलों का इस्तेमाल किया गया।

ED ने जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच तेज कर दी है। यदि FEMA उल्लंघन के ठोस प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह कार्रवाई अवैध विदेशी निवेश और संदिग्ध फंड फ्लो पर अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!