Edited By Mansa Devi,Updated: 20 Jan, 2026 03:59 PM

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अहम बदलाव की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 से PF का पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। नए सिस्टम के तहत कर्मचारी अपने PF अकाउंट से सीधे UPI...
नेशनल डेस्क: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अहम बदलाव की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 से PF का पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। नए सिस्टम के तहत कर्मचारी अपने PF अकाउंट से सीधे UPI के जरिए पैसा निकाल सकेंगे। इसका मतलब यह है कि अब लंबी प्रक्रिया, फॉर्म भरने और कई दिनों तक इंतजार करने की परेशानी काफी हद तक खत्म हो सकती है। इस फैसले से करीब 8 करोड़ EPFO मेंबर्स को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। PF निकासी की प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह आसान होगी, जैसे रोजमर्रा में मोबाइल से UPI पेमेंट किया जाता है।
UPI से PF निकालने की सुविधा कैसे काम करेगी
नई व्यवस्था में EPFO मेंबर अपने बैंक अकाउंट से जुड़े UPI ID का इस्तेमाल कर सकेंगे। PF से जितनी रकम निकालने के लिए वे पात्र होंगे, वह उन्हें पहले ही सिस्टम में दिखाई देगी। इसके बाद UPI पिन डालकर रकम सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। पैसा खाते में आने के बाद मेंबर उसे UPI पेमेंट, ATM से कैश निकालने या किसी भी जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे।
तकनीकी तैयारी अंतिम चरण में
लेबर मिनिस्ट्री और EPFO मिलकर इस नए सिस्टम को लागू करने पर काम कर रहे हैं। फिलहाल कुछ सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है, ताकि लॉन्च के बाद किसी तरह की रुकावट न आए। योजना यह भी है कि PF की पूरी रकम एक साथ निकालने के बजाय एक हिस्सा खाते में सुरक्षित रहे और बाकी जरूरत के समय UPI के जरिए निकाला जा सके। इससे एक तरफ रिटायरमेंट के लिए बचत बनी रहेगी और दूसरी तरफ तुरंत पैसों की जरूरत भी पूरी हो सकेगी।
अभी PF निकालने का क्या है तरीका
वर्तमान में PF निकालने के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लेम फाइल करना पड़ता है। हालांकि ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम लागू होने के बाद अब क्लेम आमतौर पर तीन दिन के भीतर निपटा दिए जाते हैं। सरकार पहले ही ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर चुकी है।
इसके अलावा अक्टूबर 2025 में PF की आंशिक निकासी के नियमों को भी आसान किया गया। पहले जहां 13 अलग-अलग नियम थे, उन्हें अब तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है। बीमारी, पढ़ाई, शादी, घर खरीदने या खास परिस्थितियों में योग्य राशि का 100 प्रतिशत तक PF निकाला जा सकता है।
नए नियमों से क्या होगा फायदा
नए नियमों के अनुसार, शिक्षा के लिए कर्मचारी 10 बार और शादी के लिए 5 बार PF निकाल सकते हैं। किसी भी तरह की आंशिक निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की नौकरी पूरी होना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि मेंबर के PF खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनी रहनी चाहिए, ताकि उस पर 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहे। समय से पहले फाइनल PF सेटलमेंट के लिए वेटिंग पीरियड 12 महीने और पेंशन निकासी के लिए 36 महीने तय किया गया है।