Edited By Anu Malhotra,Updated: 13 Jan, 2026 09:38 AM

भारतीय रेलवे अब केवल आपको मंज़िल तक पहुंचाने का जरिया नहीं रही, बल्कि आपकी यात्रा को यादगार और आरामदायक बनाने के लिए भी नए कदम उठा रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर के बाद होने वाले बदन दर्द और थकान से जूझने वाले यात्रियों के लिए एक शानदार खबर है।...
मुंबई: भारतीय रेलवे अब केवल आपको मंज़िल तक पहुंचाने का जरिया नहीं रही, बल्कि आपकी यात्रा को यादगार और आरामदायक बनाने के लिए भी नए कदम उठा रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर के बाद होने वाले बदन दर्द और थकान से जूझने वाले यात्रियों के लिए एक शानदार खबर है। मुंबई के ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर मध्य रेलवे ने एक ऐसी 'जादुई' सुविधा शुरू की है, जो आपको चंद मिनटों में तरोताजा कर देगी।
स्टेशन पर ही 'रिलैक्स जोन': तकनीक और आराम का संगम
मध्य रेलवे ने 'क्विक रेस्ट' (Quick Rest) कंपनी के साथ हाथ मिलाकर स्टेशन परिसर में एक अत्याधुनिक रिलैक्स जोन स्थापित किया है। यहाँ हाई-टेक 'जीरो ग्रैविटी' मसाज चेयर लगाई गई हैं। यह तकनीक शरीर के वजन को समान रूप से बांट देती है, जिससे मांसपेशियों का तनाव तुरंत कम होने लगता है।
किफायती विलासिता: इस पूरी सुविधा का आनंद लेने के लिए आपको अपनी जेब ज्यादा ढीली नहीं करनी होगी। महज ₹99 के शुरुआती खर्च पर आप फुल बॉडी मसाज ले सकते हैं।
समय की बचत: चाहे आप ट्रेन से उतरकर घर जा रहे हों या अगली ट्रेन का इंतजार कर रहे हों, यह क्विक मसाज आपकी सुस्ती भगाने का सबसे बेहतरीन तरीका है।
रेलवे का बदलता स्वरूप: एयरपोर्ट जैसा अहसास
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला के अनुसार, इन मशीनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये पीठ दर्द और खिंचाव को कुछ ही मिनटों में दूर कर देती हैं। रेलवे का यह कदम स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। वाई-फाई और अच्छे फूड कोर्ट के बाद अब यात्रियों की सेहत और सुकून पर ध्यान दिया जा रहा है।
साफ-सफाई और सुरक्षा का पूरा ध्यान
इस रिलैक्स जोन को पूरी तरह से स्वच्छ और शांत वातावरण में बनाया गया है ताकि यात्री बिना किसी शोर-शराबे के कुछ पल सुकून के बिता सकें। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि रेलवे के राजस्व (Non-Fare Revenue) में भी इजाफा होगा।
क्या यह सुविधा अन्य स्टेशनों पर भी मिलेगी? रेलवे प्रशासन का कहना है कि CSMT पर इस प्रयोग की सफलता को देखते हुए जल्द ही इसे देश के अन्य प्रमुख और व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर भी शुरू किया जा सकता है।