Gold-Silver: सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, रिकॉर्ड हाई से सिल्वर 40% और गोल्ड ETF 15% से अधिक टूटा

Edited By Updated: 17 Feb, 2026 07:50 PM

gold and silver prices fall gold silver etfs also under pressure

पिछले महीनों में रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने वाले गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ अब भारी गिरावट का सामना कर रहे हैं। सिल्वर ईटीएफ अपने उच्चतम स्तर से 40% और गोल्ड ईटीएफ 15% से अधिक टूट चुके हैं। अमेरिकी रोजगार डेटा में मजबूती, डॉलर की ताकत और वैश्विक राजनीतिक...

नेशनल डेस्कः पिछले महीनों में रिकॉर्ड हाई छूने वाले गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ अब भारी दबाव में हैं। सिल्वर ईटीएफ अपने उच्चतम स्तर से 40% तक और गोल्ड ईटीएफ 15% से अधिक टूट चुके हैं। निवेशकों ने तेजी के दौरान जमकर खरीदारी की थी, लेकिन अब लगातार गिरावट ने कई निवेशकों को फंसा हुआ और ठगा हुआ महसूस करा दिया है।

आज भी गिरावट जारी

मंगलवार को एमसीएक्स पर सोने और चांदी के दामों में गिरावट देखी गई। सोना 2,127 रुपये घटकर 1,52,633 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और चांदी 8,800 रुपये घटकर 2,31,006 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इस गिरावट के असर ने गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ को भी पीछे नहीं छोड़ा। सिल्वर ईटीएफ 3% से अधिक टूटे और गोल्ड ईटीएफ में करीब 2% की गिरावट देखी गई।

सिल्वर ईटीएफ में 40% तक की कमी

29 जनवरी को निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ का भाव 360 रुपये था, जो अब 219.69 रुपये पर आ गया है। ICICI, SBI और टाटा सिल्वर ईटीएफ भी लगभग समान रूप से 40% नीचे कारोबार कर रहे हैं।

गोल्ड ईटीएफ में भी गिरावट

निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ 29 जनवरी को 148 रुपये पर था, जो अब 124.71 रुपये पर पहुंच गया है। इसी तरह SBI, ICICI और टाटा गोल्ड ईटीएफ में भी लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।

गिरावट के पीछे कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिकी रोजगार डेटा में सकारात्मक संकेत आने के कारण निवेशक सेफ-हैवन असेट में निवेश करने से परहेज़ कर रहे हैं। इसके अलावा डॉलर की मजबूती ने सोने-चांदी के दामों पर दबाव डाला, जिससे ईटीएफ की कीमतें भी गिर गईं।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि शॉर्ट टर्म में गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में उतार-चढ़ाव सामान्य है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह लाभकारी हो सकता है। SEBI ने ETF के प्राइस बैंड नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है ताकि वोलैटिलिटी को नियंत्रित किया जा सके।

 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!