Edited By Mehak,Updated: 26 Oct, 2025 12:06 PM

बीते सप्ताह सोने की कीमतों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। सिर्फ चार कारोबारी दिनों में सोना अपने ऑल टाइम हाई स्तर से 7,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक सस्ता हो गया। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और घरेलू मार्केट...
नेशनल डेस्क : बीते सप्ताह सोने के दामों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली है। सिर्फ चार कारोबारी दिनों में ही सोना अपने ऑल टाइम हाई स्तर से 7,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक सस्ता हो गया। यह गिरावट सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार में ही नहीं, बल्कि Multi Commodity Exchange (MCX) और घरेलू बाजार में भी देखने को मिली।
MCX पर सोने का भाव गिरा
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोमवार, 20 अक्टूबर को 999 शुद्धता के 5 दिसंबर एक्सपायरी वाले सोने का वायदा भाव 1,30,624 रुपये प्रति 10 ग्राम था। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, यानी शुक्रवार तक यह गिरकर 1,23,255 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह केवल पांच दिन में सोने का भाव 7,369 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
घरेलू बाजार में भी गिरावट
घरेलू बाजार में भी सोने के दाम में तेजी से गिरावट देखी गई। Indian Bullion Jewellers Association (IBJA) के अनुसार, सोमवार को 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1,26,730 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ और शाम को 1,27,633 रुपये पर बंद हुआ। बुधवार से शुक्रवार तक लगातार गिरावट देखी गई और शुक्रवार को 24 कैरेट गोल्ड का भाव गिरकर 1,21,518 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। यानी 10 ग्राम सोना इस अवधि में 6,115 रुपये सस्ता हुआ।
अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट
24 कैरेट - 1,21,518 रुपये (प्रति 10 ग्राम)
22 कैरेट - 1,21,030 रुपये (प्रति 10 ग्राम)
20 कैरेट - 1,11,310 रुपये (प्रति 10 ग्राम)
18 कैरेट - 91,140 रुपये (प्रति 10 ग्राम)
ध्यान दें कि गोल्ड रेट देशभर में लगभग समान होते हैं, लेकिन ज्वेलरी खरीदते समय 3% GST और मेकिंग चार्ज भी जोड़ना पड़ता है। अलग-अलग शहरों में मेकिंग चार्ज अलग हो सकता है, जिससे अंतिम कीमत में बदलाव आता है।
सोने की कीमतों में गिरावट के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में अचानक गिरावट के मुख्य कारण हैं:
- लगातार बढ़ते दामों के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
- अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ टेंशन में कमी आई, जिससे कीमती धातुओं की मांग पर असर पड़ा।
इस गिरावट के बाद निवेशक और खरीदार दोनों के लिए सोने की खरीद के लिए अच्छा मौका बन गया है, लेकिन खरीदारी करते समय स्थानीय GST और मेकिंग चार्ज का ध्यान रखना जरूरी है।