Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Mar, 2026 01:40 PM

दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में शुमार स्विट्जरलैंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपने कड़े कानूनों के लिए भी मशहूर है। यहां के ट्रैफिक नियमों में एक ऐसा प्रावधान है जिसे सुनकर भारतीय ड्राइवर हैरान रह सकते हैं। स्विट्जरलैंड में अगर आप अपनी कार...
Illegal to Slam Car Door in Switzerland : दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में शुमार स्विट्जरलैंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपने कड़े कानूनों के लिए भी मशहूर है। यहां के ट्रैफिक नियमों में एक ऐसा प्रावधान है जिसे सुनकर भारतीय ड्राइवर हैरान रह सकते हैं। स्विट्जरलैंड में अगर आप अपनी कार का दरवाजा, डिग्गी (Trunk) या बोनट जोर से बंद करते हैं तो इसे सार्वजनिक शांति भंग करना माना जाता है और इसके लिए आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
नैचट्रूहे: रात की शांति का कड़ा पहरा
स्विस समाज में शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। यहां 'नैचट्रूहे' (Nachtruhe) नामक एक नियम का पालन किया जाता है जिसका अर्थ है 'रात की शांति'। आमतौर पर रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 या 7 बजे तक यह नियम बेहद कड़ाई से लागू होता है। रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों की नींद और सुकून में कोई खलल न पड़े इसलिए किसी भी तरह के 'गैर-जरूरी शोर' पर पाबंदी होती है।
गेट पटकना क्यों है गैर-कानूनी?
स्विस अधिकारियों का मानना है कि गाड़ी का दरवाजा जोर से बंद करने से निकलने वाली अचानक और तेज आवाज लोगों को डरा सकती है या उनकी नींद खराब कर सकती है। स्विस ट्रैफिक नियमों के मुताबिक ड्राइवरों की यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसा कोई भी शोर न करें जिससे बचा जा सकता हो।
पकड़े गए तो कितनी मिलेगी सजा?
अगर कोई व्यक्ति पहली बार ऐसा करते पकड़ा जाता है तो पुलिस उसे चेतावनी (Warning) देकर छोड़ सकती है लेकिन बार-बार नियम तोड़ने या गंभीर उल्लंघन पर 100 CHF (स्विस फ्रैंक) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारतीय रुपयों में यह रकम करीब 9,000 रुपये के बराबर बैठती है।
अब नॉइज रडार रखेंगे शोर पर नजर
स्विट्जरलैंड के जिनेवा और बेसल जैसे आधुनिक शहरों में अब शोर पकड़ने वाले 'नॉइज रडार' (Noise Radars) लगाए जा रहे हैं। यह तकनीक ठीक वैसे ही काम करती है जैसे स्पीड कैमरे काम करते हैं। अगर किसी गाड़ी से 82 डेसिबल से ज्यादा का शोर निकलता है तो ये रडार तुरंत उसे डिटेक्ट कर लेते हैं। इसके बाद गाड़ी के मालिक को सीधे चालान भेज दिया जाता है।