Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Jun, 2026 02:18 PM

Google-AI Startup-Yusuf Imran: जहां एक ओर टेक इंडस्ट्री में लगातार छंटनी की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं एक टेक प्रोफेशनल यूसुफ इमरान ने Google में करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर अपना AI स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया। यूसुफ इमरान...
Google-AI Startup-Yusuf Imran: जहां एक ओर टेक इंडस्ट्री में लगातार छंटनी की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं एक टेक प्रोफेशनल यूसुफ इमरान ने Google में करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर अपना AI स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया। यूसुफ इमरान ने ने अपना खुद का AI स्टार्टअप शुरू करने के लिए Google की लगभग 9.4 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी। उनका कहना है कि टेक इंडस्ट्री में बढ़ती छंटनी और AI के तेजी से बढ़ते अवसरों ने उन्हें यह बड़ा फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपनी बचत का इस्तेमाल करते हुए सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए AI आधारित ऑटोमेटेड टूल्स बनाने वाली कंपनी शुरू की।
41 वर्षीय यूसुफ इमरान ने Google में लगभग 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 9.4 करोड़ रुपये) के सालाना वेतन और कमीशन पैकेज को छोड़कर अपना AI बिजनेस शुरू किया। वह Google के सिलिकॉन वैली मुख्यालय में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थे।
एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में जन्मे और बचपन में न्यूयॉर्क चले गए इमरान ने सेल्स इंडस्ट्री में करीब 20 साल तक काम किया। वर्ष 2020 में उन्होंने Google जॉइन किया। उनकी बेस सैलरी लगभग 1.7 लाख अमेरिकी डॉलर थी, लेकिन शानदार सेल्स प्रदर्शन के कारण कमीशन मिलाकर उनकी कुल वार्षिक कमाई पिछले साल 9.86 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 9.32 करोड़ रुपये) तक पहुंच गई।
इतनी बड़ी आय के बावजूद इमरान का मानना था कि AI सेक्टर में नए अवसर कहीं अधिक बड़े हैं। उनका कहना है कि OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां कर्मचारियों को ऐसे स्टॉक ऑप्शन दे रही हैं, जिनसे भविष्य में भारी आर्थिक लाभ हो सकता है, जबकि Google उस स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहा था।
उन्होंने यह भी महसूस किया कि Google में हाल के वर्षों में हुई छंटनी ने कॉर्पोरेट नौकरी की सुरक्षा पर उनका भरोसा कम कर दिया। उनके कई प्रतिभाशाली सहकर्मियों की नौकरी जाने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि स्थायी नौकरी की गारंटी अब पहले जैसी नहीं रही।
Google में नौकरी के दौरान इमरान अपनी शाम और सप्ताहांत AI मॉडल्स पर प्रयोग करने और नए सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन विकसित करने में बिताते थे। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने अब 'मैंगोस्टीन स्टूडियो' (Mangosteen Studio) नाम से अपना सोलो स्टार्टअप शुरू किया है। यह स्टार्टअप सेल्स टीमों के लिए ऐसे AI टूल्स विकसित करता है, जो डील्स को तेजी से क्लोज करने और बिक्री प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करते हैं।
अपने स्टार्टअप को पूरी तरह स्वतंत्र रूप से खड़ा करने के लिए इमरान ने बाहरी निवेशकों से फंड लेने के बजाय अपनी निजी बचत का सहारा लिया। उन्होंने व्यवसाय के शुरुआती खर्चों के लिए लगभग 2 लाख अमेरिकी डॉलर अलग रखे, जबकि अगले दो वर्षों तक मॉर्गेज और व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर की व्यवस्था पहले से कर ली।
इमरान का मानना है कि सफल टेक फाउंडर बनने के लिए केवल कंप्यूटर साइंस की डिग्री जरूरी नहीं है। उनके अनुसार, किसी विशेष इंडस्ट्री की गहरी समझ और AI टूल्स का सही उपयोग किसी भी अच्छे आइडिया को सफल बिजनेस में बदल सकता है।