Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Jan, 2026 12:59 PM

म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज गुलशन कुमार की हत्या के दोषी और अंडरवर्ल्ड के गुर्गे अब्दुल रऊफ मर्चेंट की जेल में मौत हो गई। 60 वर्षीय रऊफ ने औरंगाबाद की हरसूल जेल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे रऊफ की मौत की वजह दिल का दौरा (हार्ट अटैक)...
नेशनल डेस्क: म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज गुलशन कुमार की हत्या के दोषी और अंडरवर्ल्ड के गुर्गे अब्दुल रऊफ मर्चेंट की जेल में मौत हो गई। 60 वर्षीय रऊफ ने औरंगाबाद की हरसूल जेल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे रऊफ की मौत की वजह दिल का दौरा (हार्ट अटैक) बताई जा रही है।
खबरों के अनुसार, रऊफ की तबीयत पिछले कुछ समय से बिगड़ रही थी। साल 2025 के अंतिम दिन यानी 30 दिसंबर को उसे पहला दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उसे सरकारी वैली अस्पताल में दाखिल कराया गया। स्थिति में सुधार होने पर 4 जनवरी को उसे वापस जेल भेज दिया गया। लेकिन गुरुवार की सुबह एक और heart attack ने उसे संभलने का मौका नहीं दिया। जेल प्रशासन ने फिलहाल इसे आकस्मिक मौत के तौर पर दर्ज किया है।
वह खौफनाक सुबह: जब गोलियों से गूंज उठा था मंदिर परिसर
12 अगस्त 1997 की वह तारीख भारतीय संगीत जगत के इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज है। दक्षिण अंधेरी के जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर, गुलशन कुमार अपनी रोज की भक्ति के लिए पहुंचे थे। बिना किसी सुरक्षा घेरे के मौजूद गुलशन कुमार पर तीन हमलावरों ने घात लगाकर हमला किया।
16 गोलियों का प्रहार: रऊफ और उसके साथियों ने उन पर ताबड़तोड़ 16 राउंड फायरिंग की। इस खूनी खेल में उनका ड्राइवर भी जख्मी हुआ, और अस्पताल पहुंचने से पहले ही 'म्यूजिक मुगल' गुलशन कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया। गुलशन कुमार की हत्या महज एक निजी दुश्मनी नहीं, बल्कि 90 के दशक में मुंबई फिल्म जगत पर अंडरवर्ल्ड के वर्चस्व की कहानी थी। टी-सीरीज के मालिक से अंडरवर्ल्ड ने मोटी रकम मांगी थी। गुलशन कुमार के इनकार ने डॉन की ईगो को चोट पहुंचाई, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
2002 में रऊफ को उम्रकैद सुनाई गई। 2009 में पैरोल का फायदा उठाकर वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था, लेकिन लगभग आठ साल बाद 2016-17 में उसे दोबारा दबोच लिया गया। रऊफ मर्चेंट की मौत के साथ ही गुलशन कुमार हत्याकांड के एक सबसे मुख्य अपराधी का अंत हो गया है।