Edited By Sahil Kumar,Updated: 24 Jan, 2026 07:41 PM

भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश के कई हिस्सों में अगले 72 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में बारिश और शीतलहर का प्रकोप बढ़ने की संभावना है, जबकि पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी का खतरा बना हुआ है। तापमान में तेज...
नेशनल डेस्कः देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते अगले 72 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश, बर्फबारी, तेज ठंडी हवाओं और शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
IMD ने बताया कि पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज बारिश और तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है। न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे जा सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
उत्तर भारत में मौसम
उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। IMD के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। ठंडी और तेज हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति बनी हुई है, जिससे दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। कुछ क्षेत्रों में दृश्यता कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
बर्फबारी का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। IMD के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फ गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। कई स्थानों पर सड़कें बंद होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और संचार सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने पर्यटकों से मौसम सामान्य होने तक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की अपील की है। वहीं, स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आवश्यक वस्तुओं की पहले से व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
शीतलहर से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
तेज ठंडी हवाओं और गिरते तापमान के कारण शीतलहर का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी, खांसी, फ्लू और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, शरीर को पूरी तरह ढककर रखने और ठंडे वातावरण में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी है। साथ ही, गर्म तरल पदार्थों के सेवन और संतुलित आहार पर ध्यान देने की भी अपील की गई है।
जरूरी दिशा-निर्देश
IMD के रेड अलर्ट के बाद प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी समय-समय पर आम जनता तक पहुंचाई जाए और आपात सेवाओं को सक्रिय रखा जाए। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली के खंभों व पेड़ों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध करने और पशुओं को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।