Old 200/500 Rupee Notes: अब 200 और 500 के पुराने नोटों से बनेगा शानदार फर्नीचर! RBI का मास्टर प्लान

Edited By Updated: 07 Apr, 2026 02:57 PM

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Old 200 and 500 rupee notes: अक्सर आपने सुना होगा कि पैसा हाथों का मैल है, लेकिन अब यही पैसा आपके घर सजाने के काम आएगा। जी हां, दरअसल,  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक ऐसी अनोखी योजना पर काम कर रहा है जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल, अब बाजार...

Old 200/500 Rupee Notes: अक्सर आपने सुना होगा कि पैसा हाथों का मैल है, लेकिन अब यही पैसा आपके घर सजाने के काम आएगा। जी हां, दरअसल,  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक ऐसी अनोखी योजना पर काम कर रहा है जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल, अब बाजार में चलन से बाहर हो चुके, फटे-पुराने और जले हुए नोटों को फेंकने या जलाने के बजाय उनसे मजबूत और टिकाऊ फर्नीचर तैयार किया जाएगा।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
दरअसल, हर साल RBI के पास लगभग 15,000 टन वजन के ऐसे नोट जमा होते हैं जो इस्तेमाल के लायक नहीं बचते। अब तक इन नोटों को मशीनों से बारीक काटकर जला दिया जाता था और उनकी राख को जमीन में दबा दिया जाता था। लेकिन नोटों में इस्तेमाल होने वाली स्याही और रसायनों की वजह से यह तरीका पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बना हुआ था। साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया में बैंक का काफी पैसा भी खर्च होता था।

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कचरे से ऐसे बनेगी 'लकड़ी'
पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार ने इसका हल निकाला और इस कचरे का सही इस्तेमाल करने के लिए RBI ने 'Wooden Science and Technical Institute' के साथ हाथ मिलाया है। इस संस्थान ने अपनी रिसर्च में कमाल कर दिखाया है। उन्होंने रद्दी नोटों को रिसायकल करके ऐसे प्लाईबोर्ड तैयार किए हैं, जो मजबूती के हर टेस्ट में पास हो चुके हैं। ये बोर्ड न केवल सामान्य प्लाई की तरह मजबूत हैं, बल्कि बेहद किफायती भी होंगे।

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आम जनता के लिए क्या है खास?
अगर आप भी अपने घर के लिए नया सोफा, बेड या अलमारी बनवाने की सोच रहे हैं, तो जल्द ही आपको बाजार में नोटों से बनी प्लाई देखने को मिल सकती है। यह तकनीक न सिर्फ जंगलों को कटने से बचाएगी, बल्कि बेकार हो चुके कागजी नोटों को एक नया जीवन भी देगी।

खराब नोटों का क्या करता है बैंक?
नियम के मुताबिक, अगर आपके पास भी फटे या जले हुए नोट हैं, तो आप किसी भी बैंक में जाकर उन्हें बदल सकते हैं। बैंक इन नोटों को आरबीआई के जांच केंद्रों पर भेजते हैं। वहां मशीनों से यह तय किया जाता है कि कौन सा नोट वापस बाजार में जा सकता है और किसे रद्दी घोषित करना है। जो नोट 50% से ज्यादा खराब होते हैं, अब उन्हीं से यह खास फर्नीचर तैयार किया जाएगा।

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