Edited By Radhika,Updated: 03 Jan, 2026 05:08 PM

एक मामूली बस्ती में जन्म, हाथों में बस का स्टीयरिंग और फिर दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश की सत्ता—निकोलस मादुरो का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। दुनिया उन्हें एक 'तानाशाह' के रूप में देखती है, लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक सिरा भारत के...
नेशनल डेस्क: एक मामूली बस्ती में जन्म, हाथों में बस का स्टीयरिंग और फिर दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश की सत्ता निकोलस मादुरो का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। दुनिया उन्हें एक 'तानाशाह' के रूप में देखती है, लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक सिरा भारत के पुट्टापर्थी भारत के आन्ध्र प्रदेश राज्य के सत्य साई जिसे में स्थित एक नगर) से भी जुड़ता है। आखिर एक बस ड्राइवर के रूप में करियर शुरू करने वाला यह नेता भारत के आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा का अनन्य भक्त कैसे बन गया? आइए जानते हैं सत्ता और अध्यात्म के इस अनूठे संगम की कहानी।"
ऐसे बने साईं बाबा के भक्त
जानकारी के लिए बता दें कि इस पूरी राजनीतिक उठापटक के बीच मादुरो का आध्यात्मिक पक्ष भी चर्चा में आया है। पूर्व बस चालक और ट्रेड यूनियन नेता रहे मादुरो महान भारतीय आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा के कट्टर अनुयायी हैं। साल 2005 में मादुरो अपनी पत्नी सिलिया के साथ आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी आए थे और साईं बाबा से व्यक्तिगत आशीर्वाद लिया था। यह वह समय था जब वेनेजुएला में चाविज़्म (Chavismo) अपने चरम पर था, लेकिन सत्ता के शीर्ष पर बैठे इस जोड़े ने शांति की तलाश में पूरब की ओर रुख किया था।

कार्यालय में चित्र: मादुरो के राष्ट्रपति कार्यालय में हमेशा साईं बाबा की एक बड़ी तस्वीर लगी रहती है। साईं ट्रस्ट के अनुसार मादुरो ने अपने कठिन समय में हमेशा गुरु की शिक्षाओं का सहारा लिया है।
वेनेजुएला की राजनीति में आया भूचाल
नए साल की शुरुआत के साथ ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस समय भूचाल आ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में लेने का सनसनीखेज दावा किया। 3 जनवरी 2026 की तड़के काराकास में हुए सिलसिलेवार धमाकों और अमेरिकी विशेष बलों के गुप्त अभियान के बाद ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की।