Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 Aug, 2026 11:43 AM

हैदराबाद में शहर में खाने-पीने की चीजों में मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। 'हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम' (H-FAST) की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच में पता चला कि अदरक-लहसुन के पेस्ट को सफेद और गाढ़ा...
हैदराबाद: हैदराबाद में शहर में खाने-पीने की चीजों में मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। 'हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम' (H-FAST) की जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच में पता चला कि अदरक-लहसुन के पेस्ट को सफेद और गाढ़ा दिखाने के लिए उसमें पेंट में इस्तेमाल होने वाला केमिकल 'टाइटेनियम ऑक्साइड' और खतरनाक 'एसिटिक एसिड' मिलाया जा रहा था।
यह जानकारी हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। 32 सेंटरों पर बिना छिलका उतारे और सड़े हुए अदरक-लहसुन से पेस्ट बनाया जा रहा था। छापेमारी के दौरान 27 टन (27,024 किलोग्राम) से ज़्यादा मिलावटी पेस्ट ज़ब्त किया गया। इसके अलावा, अधिकारियों ने 12 टन से ज़्यादा सड़ा हुआ चिकन और मटन, और होटलों में सप्लाई के लिए खराब हालात में रखा गया 60 टन बदबूदार चिकन वेस्ट भी ज़ब्त किया।
वहां साफ-सफाई की हालत भी बहुत खराब थी; गंदे टॉयलेट के ठीक बगल में, मक्खियों और कॉकरोच के बीच खाना बनाया जा रहा था। साथ ही, खतरनाक केमिकल से फलों को कृत्रिम रूप से पकाने वाले 16 सेंटरों पर छापेमारी में 25.8 टन फल, 9.2 टन मिलावटी अचार और 3.8 टन मिलावटी चाय पाउडर ज़ब्त किया गया।
टीम ने बिना दूध के (यूरिया, डिटर्जेंट, पाम ऑयल और हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल करके) बनाया गया सिंथेटिक पनीर भी पकड़ा और 1.5 टन सिंथेटिक पनीर, 2.5 टन मिलावटी दही और 3.2 टन क्रीम, घी और तेल ज़ब्त किया। इसके अलावा घटिया RO वॉटर प्लांट (23.7 टन) और आइसक्रीम, समोसे व बिस्कुट बनाने वाली यूनिट्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
इतना ही नहीं छापेमारी के बाद, H-FAST टीम GHMC के फूड सेफ्टी विंग के अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे शहर में बड़े पैमाने पर जांच कर रही है। अपनी स्थापना के सिर्फ 140 दिनों के भीतर, विभाग ने 659 छापे मारे, 202 FIR दर्ज कीं और लगभग 246 टन मिलावटी खाना ज़ब्त किया। इसके अलावा, आगे की कार्रवाई के लिए 232 मामले GHMC के फ़ूड सेफ़्टी अधिकारियों को सौंपे गए। साथ ही, 46 पनीर और 83 घी की दुकानों का निरीक्षण किया गया और जनता से मिली विभिन्न शिकायतों का तुरंत समाधान किया गया।
एक पब्लिक एडवाइज़री में, पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट के ख़िलाफ़ लड़ाई में जनता की भागीदारी बहुत ज़रूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मसाले और खाने-पीने का सामान सिर्फ़ भरोसेमंद और लाइसेंस वाले विक्रेताओं से ही खरीदें। साथ ही, हमेशा सही पैकेजिंग, लेबलिंग और वैध FSSAI लाइसेंस की जानकारी ज़रूर देखें।
सावधानी...
पुलिस के अनुसार, बहुत ज़्यादा चमकीले रंग वाले मसालों से बचना ज़रूरी है, क्योंकि ये अक्सर केमिकल वाली मिलावट का संकेत देते हैं। साथ ही, सड़क किनारे अनजान विक्रेताओं से बहुत कम कीमत पर मिलने वाले खुले मसाले या बिना ब्रांड वाले खाने-पीने के सामान खरीदने से भी बचना चाहिए। पुलिस ने कहा कि अगर कहीं मिलावटी खाना बनाया जा रहा है या गंदगी में खाद्य सामग्री तैयार की जा रही है, तो तुरंत इसकी शिकायत करें। लोग Dial 100 या H-FAST हेल्पलाइन नंबर 8712661212 पर कॉल या WhatsApp के जरिए जानकारी दे सकते हैं। शिकायत करने वालों की