Edited By Radhika,Updated: 13 Jan, 2026 11:47 AM

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर चल रही खींचतान और बढ़ गई है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर कोई आधिकारिक बातचीत पक्की नहीं हुई। यह खबर ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ...
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर चल रही खींचतान और बढ़ गई है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर कोई आधिकारिक बातचीत पक्की नहीं हुई। यह खबर ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी देकर वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है।
राजदूत के दावे और जमीनी हकीकत में अंतर
हाल ही में भारत पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बयान दिया था कि 13 जनवरी (मंगलवार) से ट्रेड डील पर चर्चा फिर से शुरू होगी। हालांकि, भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें वॉशिंगटन से फिलहाल ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि निकट भविष्य या कम से कम इस हफ्ते तो कोई बैठक तय नहीं है।
50% टैरिफ: सबसे बड़ी बाधा
भारत और अमेरिका के बीच बातचीत का सबसे पेचीदा मुद्दा 50% टैरिफ है, जो वर्तमान में भारतीय सामानों पर अमेरिकी बाजार में लागू है। भारत इस उच्च शुल्क को कम करने के लिए एक अंतरिम समझौते की उम्मीद कर रहा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पहले कहा था कि दोनों देश समाधान के करीब हैं, लेकिन समयसीमा अभी तय नहीं है।
ट्रंप की धमकी और भारत की चिंता
डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख भारतीय निर्यातकों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। अगर अमेरिकी कांग्रेस रूस और उसके सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल पास करती है, तो भारतीय निर्यात पर शुल्क का बोझ और बढ़ सकता है। इसके साथ ही ईरान को लेकर ट्रंप की 25% टैरिफ वाली चेतावनी ने भी व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ा दी है।