Edited By Radhika,Updated: 09 Jan, 2026 02:03 PM

देश की संसद के उच्च सदन, राज्यसभा में इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल इस साल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है और सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि Janata Dal (United) उन्हें तीसरी बार सदन...
नेशनल डेस्क: देश की संसद के उच्च सदन, राज्यसभा में इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल इस साल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है और सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि Janata Dal (United) उन्हें तीसरी बार सदन भेजने के पक्ष में नहीं है।
जातिगत समीकरण और सियासी नाराजगी बनी बाधा
हरिवंश, जो 2018 से राज्यसभा के उपसभापति पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, के लिए इस बार राह आसान नहीं दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार की पार्टी JDU इस बार जातिगत समीकरणों को साधने के लिए किसी नए नेता को मौका देना चाहती है।
हरिवंश और पार्टी के बीच दूरियां तब और बढ़ गई थीं जब 2022 में नीतीश कुमार ने NDA का साथ छोड़कर महागठबंधन के साथ सरकार बनाई थी। उस वक्त हरिवंश ने उपसभापति पद से इस्तीफा नहीं दिया था, जिसे लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई थी। हालांकि हरिवंश का तर्क था कि यह एक संवैधानिक पद है, लेकिन पार्टी नेतृत्व के साथ उनके रिश्तों में आई खटास अब भी बरकरार है।
बिहार की 5 सीटों पर होगा मुकाबला
अप्रैल में बिहार की कुल 5 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। मौजूदा संख्या बल के आधार पर इसमें से 4 सीटें NDA के खाते में जाने की पूरी संभावना है।
- रामनाथ ठाकुर: केंद्रीय मंत्री और JDU नेता रामनाथ ठाकुर का दोबारा राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है।
- दूसरी सीट: JDU की दूसरी सीट पर हरिवंश की जगह पार्टी किसी नए चेहरे को उतार सकती है।
अब गेंद बीजेपी के पाले में
उपसभापति का पद एनडीए के कोटे में है। JDU नेताओं का स्पष्ट कहना है कि उपसभापति कौन होगा, इसका अंतिम फैसला भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ही करना है। यदि हरिवंश राज्यसभा नहीं लौटते हैं, तो सदन को नया उपसभापति मिलना तय है, जिसके लिए चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।