Edited By Radhika,Updated: 14 Jun, 2025 02:17 PM

अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना का दर्द हर किसी की जुबां पर है और अहमदाबाद शहर पर तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे शहर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन अब इस गम से उबरने की कोशिशें भी शुरू हो...
नेशनल डेस्क: अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना का दर्द हर किसी की जुबां पर है और अहमदाबाद शहर पर तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे शहर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन अब इस गम से उबरने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर 'हौसला रखना अहमदाबाद!' के बैनर पोस्टर लगाए गए हैं, जो लोगों को इस मुश्किल घड़ी में हिम्मत बनाए रखने का संदेश दे रहे हैं।
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'हौंसला रखना अहमदाबाद, ये शहर उतना ही टूटा है जितना वो विमान'
गुरुवार को हुए इस विमान हादसे के बाद अहमदाबाद में एक अजीब सी खामोशी छा गई है। घटना को लेकर लोगों की कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। लोगों ने कहा कि इस हादसे के बाद शहर में डर का माहौल है। एक व्यक्ति ने भावुक होकर कहा, "हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो सकता है। हमारे पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी बहुत अच्छे थे।" एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि लोग बहुत दुखी हैं, इसीलिए ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा, "ऐसा हमने कभी नहीं देखा। इतनी सुरक्षा के बाद भी ऐसा हो गया।"
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राजकोट में भी पसरा है मातमी सन्नाटा
पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अहमदाबाद विमान हादसे में दुखद मौत के बाद राजकोट में भी तीन दिनों से मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। राजकोट में बाजार पूरी तरह से बंद हैं और लोगों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही है। बता दें कि विजय रूपाणी राजकोट के मेयर रह चुके थे और उन्होंने राजकोट पश्चिम सीट से कई बार विधायक के रूप में भी जीत हासिल की थी।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस दुखद घटना पर बयान दिया है। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में हुए इस हादसे के बाद, अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा तय किए गए प्रोटोकॉल के अनुसार, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जांच शुरू कर दी है। केंद्र सरकार इस घटना की विस्तृत जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का भी गठन कर रही है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाना होगा।