इस जिले में 18 घंटों के लिए इंटरनेट हुआ बंद, लोगों में मची अफरा-तफरी

Edited By Updated: 09 Dec, 2025 09:25 PM

malkanagiri internet shutdown extended 18 hours communal tension

मलकानगिरी जिले में एमवी-26 और राखेलगुड़ा गांवों में बढ़ते तनाव के चलते प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं की बंदी 18 घंटे और बढ़ा दी है। अब इंटरनेट बुधवार दोपहर 12 बजे तक बंद रहेगा। आदेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यह कदम अफवाह...

नेशनल डेस्क : मलकानगिरी जिले में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। खासकर एमवी-26 और राखेलगुड़ा गांवों में हिंसा भड़कने का खतरा बना हुआ है। इस माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं की बंदी को 18 घंटे और बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब पूरे जिले में इंटरनेट बुधवार दोपहर 12 बजे तक बंद रहेगा।

मंगलवार को जारी सरकारी आदेश में बताया गया कि जिले की स्थिति अभी संवेदनशील है और अफवाह फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसलिए इंटरनेट सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद रखना बेहद जरूरी हो गया है। यह आदेश गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सत्यब्रत साहू की ओर से जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि कलेक्टर और जिलाधिकारी मलकानगिरी के अनुरोध पर यह कदम उठाया गया है।

सोशल मीडिया पर भी प्रतिबंध
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स और अन्य सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग 10 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह कदम टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 और टेलीकम्युनिकेशन (टेम्परेरी सस्पेंशन ऑफ सर्विसेज) रूल्स 2024 के प्रावधानों के तहत उठाया गया है।

इनके लिए होगी छूट
सरकार ने यह भी बताया कि यह आदेश केवल आम इंटरनेट उपयोगकर्ताओं पर लागू होगा। सरकारी इंटरनेट और इंट्रानेट सेवाएं जैसे OSWAN, NIC Net, NKN, बैंकिंग सेवाएं, रेलवे और अन्य आवश्यक सरकारी कामकाज पर कोई रोक नहीं होगी। इन सेवाओं को सामान्य रूप से जारी रखने की अनुमति दी गई है। साथ ही सरकार ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क़ानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तनाव की वजह
जिले में तनाव की सबसे बड़ी वजह एक महिला का सिर कटा शव बरामद होना बताया जा रहा है, जिसने दो गांवों के बीच विवाद को भड़का दिया। इस घटना के बाद एमवी-26 और राखेलगुड़ा गांवों में हिंसा शुरू हो गई और कई घरों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासन का रुख
प्रशासन का मानना है कि इंटरनेट बंद करना लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया गया एहतियाती कदम है, जिससे अफवाहें फैलने से रोकी जा सकें। फिलहाल जिले के लोग इस असुविधा का सामना कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी कहते हैं कि यह फैसला शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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