Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 13 Mar, 2026 07:53 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई और व्यापार प्रभावित हो रहा है।
नेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई और व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसका असर अब केवल ईंधन बाजार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धीरे-धीरे रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से पैकेजिंग इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कमी के कारण पीने के पानी, कोल्ड ड्रिंक, खाने के तेल और अन्य पैक्ड सामान की लागत बढ़ने लगी है।
पैकिंग मटेरियल महंगा होने से बढ़ सकती हैं रोजमर्रा की चीजों की कीमतें
बाजार के जानकारों के अनुसार जिन बोतलों और कंटेनरों में पानी, कोल्ड ड्रिंक, तेल, अचार, मसाले, जूस या अन्य पैक्ड उत्पाद आते हैं, उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल तेजी से महंगा हो रहा है। इसका सीधा असर इन उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है, क्योंकि कंपनियों के लिए पैकेजिंग लागत लगातार बढ़ रही है।
पैकिंग मटेरियल बनाने में किस चीज का होता है इस्तेमाल?
पैकिंग इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल पेट रेजिन (PET Resin) होता है। यह पेट्रोलियम से बनने वाला एक बाय-प्रोडक्ट है, जिसका उपयोग प्लास्टिक बोतलें और कंटेनर बनाने में किया जाता है। इसके उत्पादन में Liquefied Petroleum Gas का भी इस्तेमाल होता है। बताया जा रहा है कि जब से सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है, तब से पेट रेजिन की उपलब्धता पर असर पड़ा है, जिससे इसकी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
40% तक बढ़ी पेट रेजिन की कीमत
Jammu में पैकेजिंग मटेरियल से जुड़े उद्योगपतियों का कहना है कि मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति बनने के बाद से पेट रेजिन की कीमतों में भारी उछाल आया है। पहले पेट रेजिन की कीमत करीब 90 रुपये प्रति किलो थी अब यह बढ़कर लगभग 140 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है यानी कुछ ही समय में इसकी कीमत में लगभग 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बढ़ती कीमतों से उद्योग जगत में चिंता
पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद बाजार में कच्चे माल की उपलब्धता कम हो रही है। इससे उत्पादन लागत बढ़ रही है और कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए कई कंपनियों ने प्लास्टिक बोतलों और पैकिंग सामग्री के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसका असर आने वाले समय में बाजार में मिलने वाले पैक्ड प्रोडक्ट्स पर भी दिखाई दे सकता है।
उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे माल की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो जल्द ही पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक, खाने का तेल, जूस और अन्य पैक्ड खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इस तरह मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी पर भी पड़ने लगा है।