दूसरी बार इजराइल पहुंचे पीएम मोदी: इजराइली संसद में हमास हमले की निंदा की, कहा- हम आपका दर्द समझते हैं

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 10:20 PM

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी 2026 को अपनी दूसरी आधिकारिक यात्रा पर इजराइल पहुंचे। इससे पहले वह 2017 में ऐतिहासिक दौरे पर गए थे।

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी 2026 को अपनी दूसरी आधिकारिक यात्रा पर इजराइल पहुंचे। इससे पहले वह 2017 में ऐतिहासिक दौरे पर गए थे। इस बार भी तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने स्वयं उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर अभिवादन किया—जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अक्सर “मोदी हग” कहा जाता है।

 नेसेट में ऐतिहासिक संबोधन

दौरे का सबसे अहम पड़ाव इजराइली संसद नेसेट में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन रहा। वह नेसेट में भाषण देने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने।

नेसेट के स्पीकर आमिर ओहाना ने हिंदी में “नमस्ते” कहकर उनका स्वागत किया और यरुशलम में अभिनंदन किया। संसद में मौजूद सदस्यों ने खड़े होकर तालियों से उनका अभिवादन किया।

आतंकवाद पर सख्त संदेश

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले का उल्लेख करते हुए निर्दोष नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति होनी चाहिए और इस मुद्दे पर दोहरे मापदंड स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हर कठिन समय में इजराइल के साथ खड़ा है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।

गाजा और शांति प्रक्रिया पर भारत का रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा समर्थित गाजा शांति पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत टिकाऊ शांति, संवाद और स्थिरता का समर्थक है। उन्होंने दोहराया कि फिलिस्तीनी मुद्दे का न्यायसंगत समाधान और क्षेत्रीय स्थिरता साथ-साथ आगे बढ़नी चाहिए।

 भारत-इजराइल: प्राकृतिक साझेदारी

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों को “प्राकृतिक साझेदार” बताते हुए स्टार्टअप, रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इजराइल ने रेगिस्तान में तकनीक और नवाचार से चमत्कार किया है, जबकि भारत युवा प्रतिभा और बड़े बाजार की ताकत रखता है। उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में शहीद हुए 4,000 से अधिक भारतीय सैनिकों को भी याद किया।

नेतन्याहू का भावुक संदेश

नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी को “प्रिय मित्र” और “भाई” बताते हुए कहा कि भारत और इजराइल दो प्राचीन सभ्यताएं हैं, जिनका रिश्ता विश्वास और सम्मान पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों की शक्ति है और इजराइल आकार में छोटा होने के बावजूद नवाचार और संकल्प में बड़ा है। दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली है।  नेतन्याहू ने भारत में यहूदी समुदाय को मिले ऐतिहासिक सम्मान के लिए आभार भी जताया।

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