PM मोदी ने 127वीं 'मन की बात' में स्वदेशी खरीद पर दिया जोर, छठ की दी शुभकामनाएं

Edited By Updated: 26 Oct, 2025 11:54 AM

narendra modi 127th mann ki baat

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी के माध्यम से ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 127वें एपिसोड में देशवासियों से अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में उन्होंने देश और विदेश के लोगों से संवाद किया। वहीं, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा दिल्ली में बूथ...

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर आकाशवाणी के माध्यम से ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम का 127वां एपिसोड रहा। इस बार प्रधानमंत्री ने चर्चा की शुरुआत छठ महापर्व से करते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व भारत की एकता और सांस्कृतिक समरसता का सबसे सुंदर उदाहरण है। पीएम मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि यदि अवसर मिले, तो सभी को छठ उत्सव में अवश्य भाग लेना चाहिए।

छठ महापर्व सामाजिक एकता का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने कहा कि छठ पर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच की गहरी एकता का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है, जो भारत की सामाजिक एकता की अनूठी झलक प्रस्तुत करता है।

“आज चाय नहीं, कॉफी पर चर्चा करेंगे” – पीएम मोदी
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने मज़ाकिया लहजे में कहा कि आप सभी मेरे चाय से जुड़ाव को जानते हैं, लेकिन आज मैंने सोचा कि ‘मन की बात’ में कॉफी पर भी चर्चा की जाए। उन्होंने ओडिशा की प्रसिद्ध कोरापुट कॉफी का ज़िक्र किया और बताया कि इसका स्वाद बेहद लाजवाब है। पीएम मोदी ने कहा कि कॉफी की खेती ने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है और भारत की कॉफी अब वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो रही है।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में कॉफी की विविधता भारत की कृषि शक्ति का परिचायक है।

ऑपरेशन सिंदूर पर गर्व व्यक्त किया
प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस मिशन ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। उन्होंने बताया कि अब वे इलाके भी रोशनी से जगमगा रहे हैं, जहां कभी माओवादी आतंक का साया हुआ करता था।

जीएसटी बचत उत्सव और स्वदेशी खरीदारी का बढ़ा उत्साह
पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी बचत उत्सव को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। त्योहारों के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की खरीद में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि देशवासियों ने खाद्य तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी लाने की उनकी अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

इंजीनियर कपिल शर्मा के कार्यों की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु के इंजीनियर कपिल शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने झीलों के पुनर्जीवन का अभियान शुरू किया है। उनकी टीम ने अब तक 40 कुओं और 6 झीलों को पुनर्जीवित किया है। इस अभियान में उन्होंने निगमों और स्थानीय नागरिकों को भी जोड़ा है।

भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनाने की अपील
पीएम मोदी ने एक बार फिर भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ और सीआरपीएफ जैसी सुरक्षा एजेंसियों ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के कुत्तों की संख्या बढ़ाई है, क्योंकि ये देशी नस्लें हमारे परिवेश के अनुकूल अधिक हैं।

मैंग्रोव संरक्षण से पर्यावरण में सुधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंग्रोव क्षेत्र में पर्यावरणीय सुधार साफ दिखाई दे रहा है। अब वहां डॉल्फिन, केकड़े और अन्य जलीय जीवों की संख्या बढ़ी है, साथ ही प्रवासी पक्षियों की आमद भी अधिक हो रही है। इससे स्थानीय मछुआरों को भी आर्थिक लाभ हुआ है। पीएम मोदी ने देशवासियों से यह भी आग्रह किया कि 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में सभी लोग भाग लें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल आधुनिक भारत की सबसे महान विभूतियों में से एक थे।

‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 7 नवंबर को ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ के उद्घोष में मातृभूमि के प्रति गहरा सम्मान, ऊर्जा और एकता की भावना निहित है। उन्होंने याद दिलाया कि 1896 में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पहली बार ‘वन्दे मातरम्’ को स्वरबद्ध किया था।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!