Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 Jan, 2026 03:35 PM

उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजारों में इन दिनों सोने की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ चोरी का खौफ भी आसमान छू रहा है। लगातार हो रही वारदातों से परेशान होकर झांसी और अमेठी के स्वर्णकारों ने अपनी सुरक्षा के लिए एक सख्त और अनोखा कदम उठाया है। अब अगर कोई ग्राहक...
No face, No jewelry: उत्तर प्रदेश के सर्राफा बाजारों में इन दिनों सोने की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ चोरी का खौफ भी आसमान छू रहा है। लगातार हो रही वारदातों से परेशान होकर झांसी और अमेठी के स्वर्णकारों ने अपनी सुरक्षा के लिए एक सख्त और अनोखा कदम उठाया है। अब अगर कोई ग्राहक चेहरा ढककर दुकान में आता है चाहे वह बुर्के में हो, घूंघट में हो या मास्क लगाए हो उसे न तो गहने दिखाए जाएंगे और न ही बेचे जाएंगे।
चेहरा दिखाओ, तभी गहने पाओ
झांसी के सीपरी बाजार और अमेठी के प्रमुख ज्वेलरी शोरूम्स के बाहर अब बड़े-बड़े पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। इन पोस्टरों पर साफ शब्दों में लिखा है: "दुकान के अंदर चेहरा खुला रखकर ही प्रवेश करें।" व्यापारियों का कहना है कि नकाब चोरों के लिए एक ढाल बन गया है। चोरी की घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड तो हो जाती है लेकिन चेहरा ढका होने के कारण पुलिस और व्यापारी अपराधी की पहचान नहीं कर पाते।
सीसीटीवी भी हो रहे थे नाकाम
सीपरी बाजार सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी के अनुसार हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। वे नकाब या घूंघट की आड़ में गहने पार कर देती थीं।

पुलिस और जनता का समर्थन
व्यापारियों का दावा है कि यह फैसला किसी वर्ग विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि अपराध रोकने के लिए लिया गया है।
-
पुलिस से परामर्श: झांसी और अमेठी के व्यापारियों ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से चर्चा के बाद ही यह कदम उठाया है।
-
ग्राहकों का पक्ष: कई ग्राहकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सुरक्षा के लिए सीसीटीवी में चेहरा आना जरूरी है और अगर कोई ईमानदारी से खरीदारी करने आया है तो उसे चेहरा दिखाने में कोई परहेज नहीं होना चाहिए।

चोरी के मामलों में आई तेजी
सोने-चांदी के भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के बाद ज्वेलरी शॉप्स अब चोरों के लिए आसान निशाना बन गई हैं। अमेठी में भी सर्राफा संगठन ने बैठक कर इस अभियान की शुरुआत की है ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और पुलिस को जांच में आसानी हो।