Edited By Radhika,Updated: 08 Jan, 2026 04:26 PM

नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक जरूरी चेतावनी आई है। साइबर अपराधियों ने अब फास्टैग (FASTag) यूजर्स को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 'फास्टैग एनुअल पास' की आड़ में फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया लिंक्स के जरिए लोगों से हजारों रुपये ठगे जा...
नेशनल डेस्क: नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक जरूरी चेतावनी आई है। साइबर अपराधियों ने अब फास्टैग (FASTag) यूजर्स को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 'फास्टैग एनुअल पास' की आड़ में फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया लिंक्स के जरिए लोगों से हजारों रुपये ठगे जा रहे हैं। NHAI ने साफ किया है कि इन फर्जी लिंक्स पर क्लिक करना आपको भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा सकता है।
सिर्फ यहाँ मिलता है असली एनुअल पास
NHAI के अनुसार फास्टैग एनुअल पास खरीदने का केवल एक ही आधिकारिक तरीका है। इसे सिर्फ 'Rajmargyatra' (राजमार्गयात्रा) मोबाइल ऐप के जरिए ही खरीदा जा सकता है। इसके अलावा कोई भी अन्य वेबसाइट, एजेंट या अनधिकृत लिंक जो पास बेचने का दावा करता है, वह पूरी तरह फर्जी है।

NHAI ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
NHAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया, "हमें सूचना मिली है कि कई फेक वेबसाइट्स और लिंक 1 साल की वैलिडिटी वाले FASTag पास बेचने का दावा कर रहे हैं। राजमार्गयात्रा ऐप के अलावा कोई भी प्लेटफॉर्म इसे बेचने के लिए Authorized नहीं है। ऐसे अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से आपकी निजी जानकारी और पैसा दोनों चोरी हो सकते हैं।"

फ्रॉड से बचने के लिए इन 3 बातों का रखें ध्यान:
1. अनजान लिंक से बचें: व्हाट्सएप या एसएमएस पर आने वाले किसी भी लुभावने ऑफर वाले लिंक पर क्लिक न करें।
2. डाटा शेयर न करें: अपनी गाड़ी का नंबर या फास्टैग आईडी किसी भी गैर-आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज न करें।
3. ऑफिशियल ऐप का उपयोग: हमेशा गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से आधिकारिक 'राजमार्गयात्रा' ऐप ही डाउनलोड करें।