Edited By Parminder Kaur,Updated: 11 Aug, 2024 04:21 PM

सुगंध का उपयोग आनंद देने और अवसाद से उबरने में मददगार हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। इसके कुछ संभावित खतरे हैं, जो अचानक या धीरे-धीरे स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
नेशनल डेस्क. सुगंध का उपयोग आनंद देने और अवसाद से उबरने में मददगार हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। इसके कुछ संभावित खतरे हैं, जो अचानक या धीरे-धीरे स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
सिंथेटिक सुगंध में उपयोग किए जाने वाले रसायन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। इससे सिरदर्द, अस्थमा, हृदय और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। सिंथेटिक परफ्यूम से एलर्जी भी हो सकती है और यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकता है।
सुगंध व स्वाद विकास केंद्र कन्नौज के निदेशक वीवी शुक्ला के अनुसार, सिंथेटिक सुगंध में छह हजार से अधिक कार्बनिक रसायनों का इस्तेमाल होता है। सफाई उत्पाद, डिटर्जेंट, रूम स्प्रे, डियोडरेंट और शैम्पू जैसे उत्पादों में सुगंध का उपयोग बढ़ गया है। इनमें उपयोग होने वाले सिंथेटिक रसायनों को एलर्जेन, हार्मोन डिसरप्टर, अस्थमा ट्रिगर और न्यूरोटॉक्सिन के रूप में पहचाना गया है।