Edited By Mehak,Updated: 17 Feb, 2026 05:16 PM

पैरों पर नीली, हरी या बैंगनी नसें दिखाई देने पर इसे वेरिकोज वेन्स कहते हैं। यह नसें पैरों में असामान्य रूप से फूली हुई होती हैं और दर्द, सूजन, खुजलाहट जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। मुख्य कारण ब्लड प्रेशर बढ़ना, लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना, अधिक...
नेशनल डेस्क : अगर आपने कभी अपने या किसी और के पैरों पर नीली, हरी या बैंगनी लकीरें देखी हैं, तो यह वेरिकोज वेन्स (Varicose Veins) हो सकती हैं। ये नसें पैरों में असामान्य रूप से फूली हुई दिखाई देती हैं और कभी-कभी बाहर निकलती हुई सी लगती हैं। वेरिकोज वेन्स न सिर्फ दिखने में असुविधाजनक होती हैं, बल्कि दर्द और चलने-फिरने में परेशानी भी पैदा कर सकती हैं।
वेरिकोज वेन्स के मुख्य लक्षण
- नसें पैरों से बाहर निकली हुई प्रतीत होती हैं।
- नीली, बैंगनी या गहरे हरे रंग की दिखाई देती हैं।
- नसों में दर्द और सूजन हो सकती है।
- आसपास की त्वचा हल्की या फीकी दिखने लगती है।
- खुजलाहट और भारीपन का अनुभव होता है।
वेरिकोज वेन्स क्यों होती हैं?
वेरिकोज वेन्स का मुख्य कारण ब्लड प्रेशर का बढ़ना है। जब ब्लड प्रेशर ज्यादा होता है, तो नसों की दीवार कमजोर होकर फुलने लगती है। इसके अलावा, लंबे समय तक खड़े रहना या लगातार बैठा रहना, नसों पर दबाव डालता है और वेरिकोज वेन्स की संभावना बढ़ जाती है।
किन लोगों को होती हैं वेरिकोज वेन्स?
- उम्र बढ़ने पर इस समस्या का खतरा बढ़ जाता है।
- परिवार में अगर किसी को यह दिक्कत रही हो तो संभावना अधिक होती है।
- अधिक वजन वाले लोग अधिक प्रभावित होते हैं।
- गर्भावस्था के दौरान नसों पर दबाव बढ़ता है।
- लंबे समय तक खड़े रहने या बैठे रहने वाले लोग जोखिम में रहते हैं।
- धूम्रपान करने वालों में खतरा ज्यादा होता है।
वेरिकोज वेन्स का इलाज
वेरिकोज वेन्स के लिए लाइफस्टाइल बदलाव सबसे पहला कदम होता है। इसके अलावा डॉक्टर निम्नलिखित ट्रीटमेंट सुझा सकते हैं:
- लिगेशन और स्ट्रिपिंग – नसों को बंद करना और निकालना।
- स्क्लेरोथेरैपी – नसों में सोल्यूशन डालकर उन्हें बंद करना।
- फ्लेबेक्टॉमी – सर्जरी के जरिए नसों को हटाना।
वेरिकोज वेन्स से बचाव के उपाय
- लंबे समय तक खड़े या बैठे रहने से बचें।
- नमक का सेवन कम करें।
- बैठते समय पैरों को फैलाकर रखें।
- हेल्दी वजन बनाए रखें।
- पैरों को मोड़कर या क्रॉस करके बैठने से बचें।