Edited By Radhika,Updated: 15 Jan, 2026 06:35 PM

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के कई जिलों में जनसांख्यिकी एक “खतरनाक दौर” में प्रवेश कर रही है, क्योंकि हर गुजरते दशक के साथ हिंदू आबादी की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की जा रही है।
नेशनल डेस्क: BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के कई जिलों में जनसांख्यिकी एक “खतरनाक दौर” में प्रवेश कर रही है, क्योंकि हर गुजरते दशक के साथ हिंदू आबादी की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की जा रही है। भंडारी ने मंगलवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में यह दावा किया कि पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में जिस दर से हिंदूओं की आबादी कम हो रही है उसी दर से उन जिलों में होने वाली "अवैध घुसपैठ की गतिविधियों" में वृद्धि हो रही है। उन्होंने लिखा, “हर गुजरते दशक के साथ हिंदू आबादी की दशकवार वृद्धि दर घट रही है।
बंगाल की जनसांख्यिकी कई जिलों में एक खतरनाक दौर में प्रवेश कर रही है, जो चिंताजनक रूप से 1940 के दशक जैसी स्थिति से मिलती-जुलती है।” उन्होंने कहा, "यह हिंदूओं के अल्पसंख्यक बनने की बात नहीं है बल्कि यह हिंदू जनसंख्या के 70 प्रतिशत से कम होने की बात है।" उन्होंने कहा, "जनसांख्यिकी ही लोकतंत्र का भविष्य है।" भंडारी ने दावा किया कि 1980 में राज्य में हिंदुओं की आबादी 21 प्रतिशत थी जो अब घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा, "यही वह तथ्य है जो टीएफआर (कुल प्रजनन दर) के पूरे तर्क को विफल कर देता है। यह दर्शाता है कि भले ही मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर 40 साल पहले की तुलना में कम हुई है लेकिन हिंदू आबादी में गिरावट की दर मुस्लिम आबादी में गिरावट की दर से कहीं अधिक तेज है। इसी कारण टीएफआर का अंतर हमेशा बना रहता है।" भंडारी ने दावा किया कि यही कारण है कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की संख्या "असमान" रूप से घट रही है, जबकि राज्य में मुसलमानों की आबादी बढ़ रही है।