Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Oct, 2025 08:27 AM

भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में एक नई तकनीक का अनावरण किया है, जो डिजिटल भुगतान के तरीके को पूरी तरह से बदल सकती है। यह नई पहल है- ऑफलाइन डिजिटल रुपया, जिसे आप बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क की मदद के भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी...
नेशनल डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में एक नई तकनीक का अनावरण किया है, जो डिजिटल भुगतान के तरीके को पूरी तरह से बदल सकती है। यह नई पहल है- ऑफलाइन डिजिटल रुपया, जिसे आप बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क की मदद के भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी अब डिजिटल भुगतान करने के लिए हमेशा ऑनलाइन होने की जरूरत नहीं होगी। बस किसी भी QR कोड को स्कैन करें या टैप करें और आपका भुगतान तुरंत पूरा हो जाएगा। इसे आप बिलकुल कैश की तरह समझ सकते हैं, लेकिन यह डिजिटल फॉर्म में होगा, जिसे आप अपने डिजिटल वॉलेट में स्टोर कर सकते हैं।
डिजिटल रुपया क्या है?
डिजिटल रुपया, जिसे e₹ भी कहा जाता है, भारतीय रिजर्व बैंक की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है। इसे भारत के रुपए का डिजिटल रूप माना जा सकता है। खास बात यह है कि इसका उपयोग ऑनलाइन होने के बिना भी किया जा सकता है। इसे आप अपने डिजिटल वॉलेट में रख सकते हैं और ऑफलाइन भुगतान के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इस प्रणाली में हर लेनदेन के लिए बैंक खाते से जुड़ने की आवश्यकता नहीं होगी। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यूजर्स संबंधित ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर या ऐपल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं और रजिस्ट्रेशन करने के बाद किसी भी व्यक्ति या व्यापारिक संस्थान को आसानी से पैसे भेज सकते हैं।
ऑफलाइन डिजिटल रुपया से किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह तकनीक खासकर उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी या मोबाइल नेटवर्क की दिक्कतें आम हैं। ग्रामीण और दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले लोग इस सुविधा का सबसे अधिक फायदा उठाएंगे। ऑफलाइन डिजिटल रुपया NFC तकनीक पर आधारित है, जो टेलीकॉम कंपनियों के सहयोग से बिना इंटरनेट के पेमेंट की अनुमति देगा। इससे डिजिटल भुगतान का तरीका ज्यादा सरल और सुविधाजनक बन जाएगा।
कौन-कौन से बैंक शुरू करेंगे डिजिटल रुपया वॉलेट?
इस नई सुविधा को देश के प्रमुख बैंकों में धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। जिन बैंकों में डिजिटल रुपया वॉलेट उपलब्ध होंगे, उनमें शामिल हैं—एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, यस बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा बैंक, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, फेडरल बैंक और इंडियन बैंक।