Edited By Yaspal,Updated: 22 Sep, 2023 09:28 PM

केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के वुशु खिलाड़ियों को वीजा देने से इनकार करने पर चीन की भर्त्सना की और कहा कि पूर्वोत्तर का यह राज्य विवादित क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत का अटूट अंग है
नेशनल डेस्कः केंद्रीय मंत्री किरेन रिरिजू ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के वुशु खिलाड़ियों को वीजा देने से इनकार करने पर चीन की भर्त्सना की और कहा कि पूर्वोत्तर का यह राज्य विवादित क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत का अटूट अंग है। अरुणाचल प्रदेश के सांसद रिरिजू ने कड़े शब्दों में कहा कि राज्य के लोग अपनी भूमि और आबादी पर चीन के किसी भी अवैध दावे का दृढ़ता से विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को चीन की अवैध कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अरुणाचल प्रदेश के वुशु एथलीटों को वीजा देने से इनकार करने के चीन के इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं जो हांगझू में 19वें एशियाई खेलों में भाग लेने वाले थे।''
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चीन का कृत्य खेल भावना और एशियाई खेलों के संचालन को नियंत्रित करने वाले नियमों का भी उल्लंघन करता है जो स्पष्ट रूप से सदस्य देशों के प्रतिभागियों के खिलाफ भेदभाव पर पाबंदी लगाता है। मंत्री ने कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश एक विवादित क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह भारत का अटूट हिस्सा है। अरुणाचल प्रदेश के सभी लोग अपनी भूमि और आबादी पर चीन के अवैध दावे का दृढ़ता पूर्वक विरोध करते हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी को चीन की अवैध कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिए।''
रिरिजू ने कहा कि हमारे कुछ खिलाड़ियों की राह में चीन की ओर से जानबूझकर चयनात्मक तरीके से बाधा उत्पन्न करने के लिए भारत सरकार ने नयी दिल्ली और बीजिंग में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले तथा खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपना विरोध प्रदर्शित करते हुए एशियाई खेलों के लिए चीन का दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को देश के हितों की रक्षा करने के लिए ‘उचित उपाय' अपनाने का अधिकार है।