आरएन रवि बने पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल, कोलकाता में ली पद की शपथ

Edited By Updated: 12 Mar, 2026 06:09 PM

rn ravi sworn in as 22nd governor of west bengal

आरएन रवि ने आज कोलकाता में आयोजित एक औपचारिक समारोह में पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की।

नेशनल डेस्क: आरएन रवि ने आज कोलकाता में आयोजित एक औपचारिक समारोह में पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की। शपथ समारोह सुबह करीब 11:30 बजे लोक भवन में आयोजित किया गया, जहां उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ सुजॉय पाल, मुख्य न्यायाधीश, कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिलाई।

समारोह में राज्य की कई प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी और लेफ्ट फ्रंट के अध्यक्ष बिमान बोस शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत और समापन क्रमशः “वंदे मातरम” और “जन गण मन” के साथ हुआ। शपथ ग्रहण के बाद नए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों से मुलाकात की तथा औपचारिक बातचीत भी की।

शपथ के बाद RN रवि का भावुक संदेश

शपथ लेने के बाद जारी अपने संदेश में आरएन रवि ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह भूमि सदियों से भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर का महत्वपूर्ण केंद्र रही है।

उन्होंने अपने संबोधन में बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां प्राचीन काल से ज्ञान और दर्शन की परंपरा विकसित हुई। गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को नई दिशा मिली। भक्ति आंदोलन का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। स्वतंत्रता आंदोलन में भी इस क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने बंगाल के कई महान व्यक्तित्वों का भी स्मरण किया, जिनमें चैतन्य महाप्रभु, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रवींद्रनाथ टैगोर, श्री अरबिंदो, सुभाष चंद्र बोस और श्यामा प्रसाद मुखर्जी शामिल हैं। अपने संदेश के अंत में उन्होंने देवी दुर्गा से प्रार्थना की कि उन्हें राज्य की जनता की निस्वार्थ सेवा करने की शक्ति और बुद्धि प्रदान करें।

तमिलनाडु से बंगाल तक का राजनीतिक सफर

आरएन रवि इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके हैं। वहां उनका राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ कई मुद्दों पर टकराव भी चर्चा में रहा था। विधेयकों को मंजूरी देने में देरी और कई संवैधानिक मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। यहां तक कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति से उन्हें हटाने की मांग भी की थी।

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे के बाद 6 मार्च 2026 को आरएन रवि को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। 1976 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी रवि अब बंगाल में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं।

2026 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा

राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले नए राज्यपाल की नियुक्ति को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार के बीच भविष्य में संबंध सहयोगपूर्ण रहते हैं या फिर राजनीतिक मतभेद देखने को मिलते हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!