Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 Apr, 2026 10:55 AM

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्मों के बजाय एक 'इलायची' के विज्ञापन को लेकर कानूनी मुश्किलों में घिरे हैं। मामला जयपुर की उपभोक्ता अदालत से निकलकर अब दिल्ली स्थित नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) तक पहुंच गया है। सलमान...
Salman Khan Advertisement Dispute : बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्मों के बजाय एक 'इलायची' के विज्ञापन को लेकर कानूनी मुश्किलों में घिरे हैं। मामला जयपुर की उपभोक्ता अदालत से निकलकर अब दिल्ली स्थित नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) तक पहुंच गया है। सलमान खान ने जिला आयोग द्वारा उनके खिलाफ जारी वारंट और सख्त टिप्पणियों को अनुचित बताते हुए चुनौती दी है।
विवाद की जड़: इलायची या पान मसाला?
इस पूरे विवाद की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी। वकील योगेंद्र बडियाल ने जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की कि सलमान खान जिस 'राजश्री इलायची' का विज्ञापन कर रहे हैं वह दरअसल पान मसाला बेचने का एक तरीका (सरोगेट एडवर्टाइजिंग) है। 6 जनवरी 2026 को आयोग ने सलमान और कंपनी को ऐसे विज्ञापन तुरंत रोकने का आदेश दिया था।

जब जयपुर कोर्ट ने दिखाई सख्ती
मामला तब गरमा गया जब कोर्ट को बताया गया कि आदेश के बाद भी शहर में सलमान खान के विज्ञापन वाले होर्डिंग्स लगे हुए हैं। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। उनकी कोर्ट में पेशी सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बनाने तक का निर्देश दे दिया।
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सलमान खान की दलील: बिना नोटिस के वारंट क्यों?
नेशनल कमीशन में सलमान खान के वकील रवि प्रकाश ने दलील दी कि सुपरस्टार के साथ 'अन्याय' किया गया है। उनके मुख्य तर्क इस प्रकार हैं:

कॉपी नहीं मिली: जिला आयोग ने आदेश की कोई आधिकारिक (सर्टिफाइड) कॉपी सलमान खान को नहीं भेजी।
नोटिस का अभाव: बिना कोई पूर्व नोटिस दिए सीधे वारंट जारी करना और STF गठित करना कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है।
मीडिया लीक: कोर्ट का आदेश सलमान तक पहुंचने से पहले ही मीडिया में लीक हो गया जिससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।

राज्य आयोग से लगा झटका
इससे पहले सलमान ने राजस्थान स्टेट कंज्यूमर कमीशन का दरवाजा खटखटाया था लेकिन 16 मार्च 2026 को वहां से उनकी अपील खारिज हो गई। अब मामला नेशनल कमीशन में है। यह केस विज्ञापन जगत के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है क्योंकि यह 'सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट' और भ्रामक विज्ञापनों पर सितारों की जवाबदेही से जुड़ा है।