Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Jan, 2026 09:28 AM

आजकल सोशल मीडिया पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के पद पर तैनात एक महिला अधिकारी, श्वेता उप्पल की सैलरी काफी चर्चा बटोर रही है। इंस्टाग्राम पर अपनी पे-स्लिप की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे बैंकिंग सेक्टर में...
नेशनल डेस्क: आजकल सोशल मीडिया पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के पद पर तैनात एक महिला अधिकारी, श्वेता उप्पल की सैलरी काफी चर्चा बटोर रही है। इंस्टाग्राम पर अपनी पे-स्लिप की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे बैंकिंग सेक्टर में मेहनत और सही परीक्षाओं को पास करके एक शानदार वेतन पाया जा सकता है।
सैलरी का पूरा गणित: इन-हैंड कितनी मिलती है रकम?
श्वेता के मुताबिक, ढाई साल की सर्विस और कुल 5 इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) लगने के बाद उनकी महीने की इन-हैंड सैलरी लगभग 95,000 रुपये है। अगर इसमें अन्य सुविधाओं को जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा और भी बड़ा हो जाता है:
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इन-हैंड सैलरी: ₹95,000 (लगभग)
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लीज़ रेंटल (किराया भत्ता): ₹18,500
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अन्य भत्ते (Allowance): ₹11,000
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कुल मासिक आय: ₹1,24,500 के आसपास
इतनी जल्दी सैलरी कैसे बढ़ी? (JAIIB और CAIIB का रोल)
कई लोगों को हैरानी हुई कि इतनी कम समय में सैलरी 1 लाख के पार कैसे पहुँची। श्वेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण प्रोफेशनल परीक्षाएं पास की हैं:
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JAIIB: इसे पास करने पर बैंक कर्मचारियों को एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट मिलता है।
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CAIIB: यह दूसरे स्तर की कठिन परीक्षा है, जिसे क्लियर करने पर सैलरी में फिर से बढ़ोतरी होती है। श्वेता को 2 सालाना इंक्रीमेंट और इन परीक्षाओं को पास करने की वजह से मिले 3 अतिरिक्त इंक्रीमेंट का फायदा मिला है। उन्होंने बताया कि एक नए PO की शुरुआती बेसिक सैलरी करीब 56,000 रुपये होती है।
आखिर बैंक PO करता क्या है?
एक प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) बैंक में मैनेजमेंट लेवल की एंट्री पोस्ट होती है। इनका काम सिर्फ काउंटर पर बैठना नहीं होता, बल्कि इन्हें बैंकिंग के हर विभाग की ट्रेनिंग दी जाती है। उनकी मुख्य जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
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ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करना और नई योजनाएं समझाना।
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लोन (क्रेडिट) पास करना और खातों की निगरानी रखना।
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कैश और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जिम्मेदारी संभालना।
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मार्केटिंग, ग्रामीण बैंकिंग और विदेशी मुद्रा (Forex) जैसे विभागों में काम करना।