Edited By Rohini Oberoi,Updated: 09 Jan, 2026 11:39 AM

खराब जीवनशैली और खान-पान में लापरवाही के कारण आज पेट का कैंसर (Stomach Cancer) एक गंभीर चुनौती बन गया है। जब पेट की कोशिकाएं (Cells) अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं तो वे कैंसर का रूप ले लेती हैं। अक्सर लोग पेट की छोटी-मोटी तकलीफों को नजरअंदाज कर देते...
Stomach Cancer : खराब जीवनशैली और खान-पान में लापरवाही के कारण आज पेट का कैंसर (Stomach Cancer) एक गंभीर चुनौती बन गया है। जब पेट की कोशिकाएं (Cells) अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं तो वे कैंसर का रूप ले लेती हैं। अक्सर लोग पेट की छोटी-मोटी तकलीफों को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक रहने वाली कब्ज (Constipation) भी आपके पेट की सेहत के लिए एक बड़ा संकेत हो सकती है? लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के डॉ. एल.एच. घोटेकर से जानिए पेट के कैंसर की वजह और कब्ज से इसके कनेक्शन के बारे में।
पेट में कैंसर क्यों होता है?
कैंसर की शुरुआत तब होती है जब पेट की दीवार के सेल्स असामान्य व्यवहार करने लगते हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
-
अनुवांशिक और उम्र: बढ़ती उम्र और परिवार में कैंसर का इतिहास होना जोखिम को बढ़ा देता है।
-
H. pylori बैक्टीरिया: पेट में होने वाला यह खास इन्फेक्शन कैंसर का एक बड़ा कारण माना जाता है।
-
खराब डाइट: ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड (डिब्बाबंद खाना) पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है।
-
नशीले पदार्थ: धूम्रपान और शराब का सेवन पेट के कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।

क्या कब्ज और कैंसर में कोई संबंध है?
अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या कब्ज होने से कैंसर हो सकता है? विशेषज्ञों का नजरिया इस पर साफ है:
यह भी पढ़ें: इस BJP Leader की भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौ/त, आलू से लदी ट्रॉली के नीचे कुचले, मची सनसनी
-
सीधा संबंध नहीं, लेकिन जोखिम: कब्ज सीधे कैंसर पैदा नहीं करती लेकिन यदि मल लंबे समय तक पेट और आंतों में रुका रहे तो यह संक्रमण और सूजन पैदा कर सकता है।
-
कोशिकाओं पर दबाव: पुरानी कब्ज पेट की दीवारों पर दबाव डालती है जिससे पाचन तंत्र की कार्यक्षमता कमजोर हो जाती है।
-
चेतावनी संकेत: यदि कब्ज के साथ मल में खून आए या अचानक वजन कम होने लगे तो यह पेट या कोलोन कैंसर का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है।

पेट को सुपर हेल्दी रखने के 5 सुनहरे नियम
अगर आप पेट की बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं तो अपनी दिनचर्या में ये बदलाव आज ही करें:
-
फाइबर युक्त भोजन: अपनी थाली में हरी सब्जियां, ताजे फल और साबुत अनाज (जैसे दलिया, ओट्स) शामिल करें। यह पाचन को आसान बनाता है।
-
पानी की शक्ति: दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिन्स (जहरीले तत्व) बाहर निकल सकें।
-
सक्रिय रहें: रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या हल्की एक्सरसाइज करें। शारीरिक सक्रियता आंतों की गतिशीलता बढ़ाती है।
-
प्रोसेस्ड फूड से दूरी: जंक फूड और अत्यधिक तेल-मसाले वाले खाने से परहेज करें।
-
नियमित जांच: अगर पेट में लगातार भारीपन, गैस या दर्द रहता है तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।