जैसलमेर में तूफान ने मचाई तबाही: PAK की ओर से उठा था बवंडर, थर्रा उठी 870 साल पुराने सोनार किले की दीवारें

Edited By Updated: 21 Apr, 2022 03:43 PM

storm wreaks havoc in jaisalmer

राजस्थान के जैसलमेर में बुधवार देर रात पाकिस्तान की सीमा से रेतीला तेज तूफान आया जिससे बिजली के खंभे एवं पेड़ उखड़ गए और टीन-छप्पर उड़ गए तथा इस दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया।

नेशनल डेस्क: राजस्थान के जैसलमेर में बुधवार देर रात पाकिस्तान की सीमा से रेतीला तेज तूफान आया जिससे बिजली के खंभे एवं पेड़ उखड़ गए और टीन-छप्पर उड़ गए तथा इस दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया। करीब चार घंटे तक चले तेज अंधड़ की गति इतनी तेज एवं भयावह थी कि आमजन में पूरे शहर एवं कई ग्रामीण इलाकों में भय एवं दशहत का माहौल बना रहा। इस रेतीले तूफान के कारण चारों तरफ धूल का बवंडर छा गया।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार तेज हवाओं ने विश्व विख्यात 870 साल पुराने देश के एक मात्र लीविंग फोर्ट सोनार दुर्ग की हवा पोल सहित कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। दुर्ग में स्थित चौथे द्वार हवा पोल पर लगे अदभुत नक्काशी वाले कुछ पत्थर ,कंगूरे टूटकर नीचे गिर गए, लेकिन देर रात हुई इस घटना से कोई जनहानी नहीं हुई है। सम के रेतीले धोरों पर भी लगे हुए टेंट रिसोर्ट में टेंटों के उड़ने की जानकारी मिली है, कई अन्य टेंट में विदेशी सैलानी रुके हुए थे लेकिन कही से जनहानि की कोई जानकारी नही मिली है।

 

जगह-जगह बिजली के खंभे एवं ट्रांस्फोर्मर आदि गिरने से देर रात से करीब 14 घंटों से जैसलमेर में बिजली नहीं है। इस दौरान जैसलमेर डेडानसर रॉड लोहार बस्ती में तेज अंधड़ से उड़े टीन की चपेट में आने से चनणाराम (31) घायल हो गया, जिसे जवाहर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देर रात करीब पौने एक बजे हल्की बूंदाबांदी हुई उससे तूफान की गति थोड़ी कम हुई लेकिन इसके बाद फिर तेज तूफान का दौर शुरू हो गया जो करीब तीन घंटे तक चला।

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