Edited By Ramanjot,Updated: 22 Jan, 2026 12:16 AM

: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के याचारम गांव से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में तनाव और बहस दोनों को जन्म दे दिया है। आरोप है कि 19 जनवरी 2026 को गांव में 50 से 100 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन या ज़हर देकर सामूहिक रूप से मार डाला...
नेशनल डेस्क: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के याचारम गांव से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में तनाव और बहस दोनों को जन्म दे दिया है। आरोप है कि 19 जनवरी 2026 को गांव में 50 से 100 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन या ज़हर देकर सामूहिक रूप से मार डाला गया। इस घटना को लेकर पशु अधिकार संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई शिकायत
इस मामले में Stray Animal Foundation of India से जुड़ी कार्यकर्ता मुदावत प्रीति समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने याचारम पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह पूरी कार्रवाई ग्राम पंचायत के कुछ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से की गई।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुत्तों को पहले इंजेक्शन दिए गए और फिर उनके शवों को गांव की सीमा से लगे एक सुनसान वन क्षेत्र में दफना दिया गया। मामले की जानकारी पीपल फॉर एनिमल्स की प्रमुख डॉ. मेनका गांधी तक भी पहुंचाई गई, जिसके बाद जिला कलेक्टर नारायण रेड्डी ने पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
पंचायत प्रतिनिधियों पर FIR, गंभीर धाराओं में केस
पुलिस ने 21 जनवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए ग्राम सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव और एक वार्ड सदस्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 सहपठित 3(5) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(a)(i) के तहत लगाए गए हैं।
सर्कल इंस्पेक्टर नंदीश्वर रेड्डी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में करीब 50 कुत्तों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि शिकायतकर्ताओं का दावा है कि संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। पुलिस अब शवों को बाहर निकालने और फॉरेंसिक जांच की तैयारी कर रही है।
ग्रामीणों का तर्क: बढ़ते हमलों से था डर
दूसरी ओर, गांव के कुछ निवासियों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या काफी बढ़ चुकी थी। ग्रामीणों का दावा है कि कुत्तों द्वारा बच्चों पर हमले, मुर्गी-बकरियों को नुकसान और लगातार डर का माहौल बना हुआ था। उनका आरोप है कि प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, जिससे हालात बिगड़ते चले गए।
राज्यभर में फैलता पैटर्न?
पुलिस और पशु अधिकार संगठनों के अनुसार, यह घटना तेलंगाना में जनवरी 2026 के दौरान सामने आए ऐसे कई मामलों की कड़ी हो सकती है। हनमकोंडा, कामारेड्डी जैसे जिलों से भी इसी तरह की घटनाओं की रिपोर्ट आई है, जहां अब तक 500 से 600 से अधिक आवारा कुत्तों की कथित हत्या की बात कही जा रही है।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कुछ जगहों पर ग्राम पंचायत चुनावों में किए गए वादों को पूरा करने के नाम पर इस तरह की क्रूर कार्रवाइयों को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।