Edited By Sahil Kumar,Updated: 13 Jan, 2026 02:13 PM
RBI ने होम लोन चुकाने के बाद कागजात न लौटाने पर बैंकों पर ₹5000 प्रतिदिन का जुर्माना लगाया है। 1 दिसंबर 2023 से लागू नई गाइडलाइंस के अनुसार, यदि बैंक लोन चुकाने के 30 दिनों के भीतर कागजात वापस नहीं करता, तो उसे मुआवजा देना होगा। अगर दस्तावेज खो जाते...
नेशनल डेस्कः अब होम लोन चुकाने के बाद यदि बैंक ने आपके घर के ओरिजिनल कागजात वापस नहीं किए, तो बैंक को 5000 प्रति दिन का जुर्माना भरना होगा। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस मुद्दे को लेकर 1 दिसंबर 2023 से नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें बैंकों की जिम्मेदारियां और ग्राहकों को मिलने वाले मुआवजे के बारे में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज़ खोने की स्थिति में भी बैंक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और ग्राहकों को पूरी सहायता दी जाएगी। लोन की सभी किस्तें (EMI) चुकाने के बाद बैंक की जिम्मेदारी होती है कि वह तय समयसीमा के भीतर आपके घर के सभी ओरिजिनल कागजात वापस करे। लेकिन अगर बैंक ऐसा नहीं करता है, तो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के सख्त नियम लागू होते हैं।
क्या कहते हैं RBI के नए नियम?
1 दिसंबर 2023 से लागू RBI की नई गाइडलाइंस के अनुसार, होम लोन पूरी तरह चुकाने के बाद दस्तावेज लौटाने में देरी या दस्तावेज खो जाने की स्थिति में बैंक पर भारी जुर्माना और जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
- लोन बंद होने (Loan Closure) के बाद बैंक को 30 दिनों के भीतर सभी ओरिजिनल दस्तावेज लौटाने होंगे।
- अगर 30 दिनों के भीतर दस्तावेज नहीं लौटाए जाते हैं, तो बैंक को हर दिन ₹5000 के हिसाब से ग्राहक को मुआवजा देना होगा।
अगर बैंक दस्तावेज खो दे तो?
- बैंक को दस्तावेजों की डुप्लीकेट/सर्टिफाइड कॉपी निकलवाने में ग्राहक की पूरी मदद करनी होगी।
- इस पूरी प्रक्रिया का सारा खर्च बैंक उठाएगा।
- इसके लिए बैंक को अतिरिक्त 30 दिन (कुल 60 दिन) का समय मिलेगा।
- यदि 60 दिनों के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते, तो ₹5000 प्रतिदिन का जुर्माना लागू होगा।
अतिरिक्त मुआवजे का अधिकार
RBI के अनुसार यह 5000 प्रतिदिन का जुर्माना “बिना किसी पूर्वाग्रह” (Without Prejudice) है। यानी ग्राहक चाहें तो मानसिक तनाव, असुविधा या भविष्य में संपत्ति बेचने में होने वाले नुकसान के लिए कंज्यूमर कोर्ट में अलग से ज्यादा मुआवजे का दावा कर सकते हैं।
दस्तावेज खोने पर बैंक की कानूनी जिम्मेदारियां
दस्तावेज खोने की स्थिति में बैंक को निम्न कदम उठाने होंगे:
- अपने स्तर पर पुलिस में FIR दर्ज कराना।
- कम से कम दो अखबारों (एक अंग्रेज़ी और एक स्थानीय भाषा) में दस्तावेज खोने का सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कराना।
- सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से संपत्ति के कागजात की सर्टिफाइड कॉपी निकलवाकर ग्राहक को देना।
- अपने खर्च पर इंडेमनिटी बॉन्ड (Indemnity Bond) देना, ताकि भविष्य में दस्तावेजों के दुरुपयोग से होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी बैंक की हो।
ग्राहक क्या करें?
- अगर आपको पता चलता है कि बैंक ने आपके कागजात खो दिए हैं, तो तुरंत बैंक को लिखित शिकायत दें और उसकी रसीद (Acknowledgment) जरूर लें।
- जब तक आपके सभी ओरिजिनल कागजात सुरक्षित वापस न मिल जाएं, तब तक किसी भी “दस्तावेज प्राप्ति पत्र” पर हस्ताक्षर न करें।
- यदि बैंक टालमटोल करे या मुआवजा देने से इनकार करे, तो आप RBI के CMS (Complaint Management System) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।