भारत का एक मात्र ऐसा मंदिर जहां नहीं होता चंद्रगहण का कोई असर, 24 घंटे और सातों दिन होती है पूजा-आरती

Edited By Updated: 03 Mar, 2026 01:22 PM

the lunar eclipse has no effect on the dadaji dhuniwale temple in khandwa

मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित दादाजी धूनीवाले मंदिर में चंद्रग्रहण का कोई असर नहीं माना जाता। यहां श्रद्धालु ग्रहण या सूर्य ग्रहण के दौरान भी दर्शन, पूजा, आरती और हवन कर सकते हैं। मंदिर 24×7 खुला रहता है और अखंड हवन तथा भोग भंडार लगातार जारी रहते हैं।...

नेशनल डेस्क : देशभर में आज होने वाला चंद्रग्रहण आम लोगों के लिए उत्सुकता का विषय बना हुआ है। ज्यादातर मंदिरों, ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों में ग्रहण के समय दर्शन-पूजन बंद रहते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित अवधूत संत दादाजी धूनीवाले मंदिर में ऐसा नहीं है। यहां श्रद्धालु ग्रहण या सूर्य ग्रहण के दौरान भी रोजाना की तरह दर्शन और पूजा कर सकते हैं।

मंदिर की विशेषता

श्री दादाजी मंदिर में दर्शन-पूजन 24 घंटे और सातों दिन लगातार जारी रहता है। यहां के सेवादार श्री केशवानंद जी महाराज (बड़े दादाजी) और श्री हरिहरानंद जी महाराज (छोटे दादाजी) की समाधि का स्नान, श्रृंगार और आरती नियमित विधि से करते हैं। मंदिर में चंद्रग्रहण का प्रभाव नहीं माना जाता।

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ग्रहण के समय भी खुले रहेंगे द्वार

श्री दादाजी मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, मंगलवार को दुनियाभर में लगने वाले चंद्रग्रहण के दौरान भी मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। मंदिर की व्यवस्था दादाजी महाराज और छोटे दादाजी द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार चलती है।

दादाजी की मान्यता

दादाजी महाराज ने अपनी पुस्तक ‘केशव विनय’ में दत्तात्रय को सभी देवी-देवताओं का एक रूप माना। इसी कारण सूर्य, चंद्र और नवग्रहों को अलग नहीं माना जाता। यही वजह है कि मंदिर में ग्रहण का असर नहीं पड़ता और दर्शन-पूजन लगातार जारी रहते हैं।

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अखंड हवन और भोग भंडार

मंदिर में ग्रहण के समय भी अखंड हवन और भोग भंडार निरंतर चलता है। ट्रस्टी सुभाष नागोरी ने बताया कि श्रद्धालु इस दौरान भी बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकते हैं और पूजा में शामिल हो सकते हैं। यह परंपरा दादाजी महाराज के समय से आज तक निरंतर चल रही है।

 

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