Edited By Parveen Kumar,Updated: 20 Mar, 2026 12:50 AM

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गैस सिलेंडर की कथित किल्लत के कारण माली का काम करने वाले एक व्यक्ति को अपने बीमार माता-पिता के लिए रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए देर रात तीन बजे से ही लाइन में लगना पड़ा और उसे दोपहर 12 बजे जाकर सिलेंडर मिला। विकास...
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गैस सिलेंडर की कथित किल्लत के कारण माली का काम करने वाले एक व्यक्ति को अपने बीमार माता-पिता के लिए रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए देर रात तीन बजे से ही लाइन में लगना पड़ा और उसे दोपहर 12 बजे जाकर सिलेंडर मिला। विकास खंड बंकी के तिंदोला बरेठी ग्राम निवासी अरुण कुमार अपने बीमार माता-पिता के लिए गैस सिलेंडर लेने घर से आठ किलोमीटर पैदल चलकर स्थानीय गैस एजेंसी पहुंचा, जहां वह बुधवार देर रात तीन बजे से ही लाइन में लगा रहा।
अरुण की मां मस्तिष्क आघात से पीड़ित हैं जबकि पिता कैंसर से जूझ रहे हैं। दोनों लंबे समय से बिस्तर पर हैं और परिवार की पूरी जिम्मेदारी अरुण कुमार के कंधों पर है। उनकी दो छोटी बेटियां भी हैं, जो पढ़ाई कर रही हैं। घर में खाना पकाने के लिए ईंधन खत्म होने पर अरुण काम से एक दिन की छुट्टी लेकर बुधवार को गांव आया और करीब आठ किलोमीटर चलकर गैस एजेंसी पहुंचा, जहां देर रात तीन बजे से वह लाइन में लगा रहा।
अरुण ने बताया कि चार-पांच दिन पहले ही गैस सिलेंडर बुक कराया था लेकिन सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई। उन्होंने बताया, "मैं बुधवार देर रात तीन बजे से लाइन में खड़ा रहा और दोपहर करीब 12 बजे सिलेंडर मिला।" अरुण का कहना है कि गैस की बढ़ती कीमत और आपूर्ति में देरी के कारण उनके जैसे गरीब परिवारों के लिए रोजमर्रा का खाना बनाना भी मुश्किल होता जा रहा है।
जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि इस घटना की जानकारी मिलने पर जांच पड़ताल के बाद उक्त गैस एजेंसी द्वारा बताया गया कि कनेक्शन धारक अरुण कुमार को सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया है और उसे एजेंसी का नंबर भी दे दिया गया है। अरुण ने बताया, "मैं शाहजहांपुर जिले में माली का काम करता हूं। मुझे गैस मिल गई है, जब मैं महीने में अपने घर आता हूं तब गैस सिलेंडर भरवाकर रख देता हूं। गैस एजेंसी से मुझे मोबाइल नम्बर दिया गया है कि जब सिलेंडर की आवश्यकता हो इस नंबर पर जानकारी देने पर आपूर्ति कर दी जाएगी।"