UP New Rules: बाइक खरीदने वाले हो जाएं सावधान, योगी सरकार ने बदल दिया ये नियम

Edited By Updated: 15 Jan, 2026 06:00 PM

up new rules bike buyers be warned

उत्तर प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर योगी सरकार ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब प्रदेश में मोटरसाइकिल या स्कूटी खरीदते समय सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि दो हेलमेट लेना भी अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से सड़क हादसों और उनमें...

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर योगी सरकार ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब प्रदेश में मोटरसाइकिल या स्कूटी खरीदते समय सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि दो हेलमेट लेना भी अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों में कमी लाई जा सकेगी।

नए नियम के तहत बाइक खरीदते समय चालक और पीछे बैठने वाले (सह-चालक) दोनों के लिए अलग-अलग हेलमेट लेना जरूरी होगा। ये दोनों हेलमेट ISI मार्क वाले होंगे। अगर कोई व्यक्ति बिना हेलमेट वाहन चलाते हुए पकड़ा गया, तो उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाने तक की कार्रवाई हो सकती है।

सरकार ने सिर्फ वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि दोपहिया वाहन बेचने वाले डीलरों पर भी जिम्मेदारी तय की है। अब कोई भी डीलर तब तक बाइक या स्कूटी नहीं बेच सकेगा, जब तक ग्राहक को दो ISI मार्क हेलमेट उपलब्ध न कराए जाएं। हालांकि, इन हेलमेट की कीमत वाहन खरीदने वाले को ही चुकानी होगी।

सरकार क्यों लाई यह सख्त नियम?

दरअसल, उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसों में मौत का आंकड़ा चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। सरकार का मानना है कि हादसों की वजह से न सिर्फ आम लोगों की जान जा रही है, बल्कि मुआवजे के रूप में सरकार पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसी को देखते हुए अब नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया गया है।

डीलरों को क्या निर्देश मिले?

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने राज्य के सभी दोपहिया वाहन विक्रेताओं को साफ निर्देश जारी किए हैं कि वे हर वाहन के साथ दो ISI मार्क हेलमेट अनिवार्य रूप से दें। इसके साथ ही डीलरों को यह प्रमाण भी देना होगा कि उन्होंने नियम का पालन किया है। यह प्रमाण पत्र वाहन के पंजीकरण और अन्य दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

परिवहन आयुक्त के मुताबिक, अक्सर देखा गया है कि पीछे बैठने वाले लोग हेलमेट पहनने को जरूरी नहीं समझते। इसी लापरवाही के कारण हादसों में जान जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी और रोड सेफ्टी से जुड़े संगठनों ने भी सभी राज्यों को हेलमेट पहनने के नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

आंकड़े जो डराते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2025 को एक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दोपहिया वाहन चालक और सहचालक के हेलमेट न पहनने से बढ़ रही मौतों पर गहरी चिंता जताई थी। ‘रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया 2023’ रिपोर्ट के अनुसार, देश में हुए कुल सड़क हादसों में से करीब 45% हादसे दोपहिया वाहनों से जुड़े थे। इन हादसों में 54,568 लोगों की मौत हुई, जो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों का लगभग 70% है।

इनमें से ज्यादातर मौतें सिर्फ इसलिए हुईं, क्योंकि चालक या सहचालक ने हेलमेट नहीं पहना था। यही वजह है कि अब यूपी सरकार ने साफ कर दिया है—लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

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