Edited By Pardeep,Updated: 17 Nov, 2023 09:06 AM

मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों पर 2,533 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करने के लिए शुक्रवार को मतदान होगा, जिनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पूर्ववर्ती और प्रतिद्वंद्वी कमलनाथ जैसे राजनीतिक दिग्गज शामिल हैं।
नेशनल डेस्कः मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों पर 2,533 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करने के लिए शुक्रवार को मतदान होगा, जिनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पूर्ववर्ती और प्रतिद्वंद्वी कमलनाथ जैसे राजनीतिक दिग्गज शामिल हैं। इस चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के बीच काफी हद तक सीधी लड़ाई है। एक शीर्ष चुनाव अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में 5.6 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि सभी 230 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान के लिए सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। वहां वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू हो जाएगी।

वहीं छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए आज 70 सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होगा, जिसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री राज्य के आठ मंत्रियों और चार सांसदों समेत 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए तैयारी पूरी हो गई है, तथा मतदान दलों को मतदान केंद्रों पर रवाना किया जा रहा है।

राज्य विधानसभा चुनाव में इस बार सत्ताधारी दल कांग्रेस ने कुल 90 में से 75 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। वहीं भाजपा राज्य में सत्ता में वापसी करना चाहती है। भाजपा ने यहां 2003 से 2018 तक लगातार 15 वर्षों तक राज किया है। दूसरे चरण में 70 सीटों पर 1,63,14,479 मतदाता 827 पुरुषों, 130 महिलाओं और एक तृतीय लिंग के उम्मीदवार समेत कुल 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

रायपुर शहर पश्चिम सीट पर सबसे अधिक 26 उम्मीदवार हैं, जबकि डौंडीलोहारा निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम चार उम्मीदवार मैदान में हैं। दूसरे चरण में 70-70 उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस से तथा 43 उम्मीदवार आम आदमी पार्टी (आप) से है। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) से 62, हमर राज पार्टी के 33, बहुजन समाज पार्टी से 43 तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से 26 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, बिलासपुर संभाग की कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है।