'आई लव मोहम्मद' से दिक्कत नहीं, तो 'आई लव महादेव' से क्यों? बोले धीरेंद्र शास्त्री

Edited By Updated: 04 Oct, 2025 12:59 PM

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बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जौरा कस्बे में एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि,"हमें ‘आई लव मोहम्मद’ से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जब ‘आई लव महादेव’ की गूँज सुनाई दे तो किसी को...

नेशनल डेस्क: बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जौरा कस्बे में एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि,"हमें ‘आई लव मोहम्मद’ से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जब आई लव महादेव की गूँज सुनाई दे तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।"

हम किसी के खिलाफ नहीं, बस कट्टर सनातनी हैं

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि लोग उन्हें भड़काऊ बताते हैं, जबकि वे किसी मुस्लिम या ईसाई के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हम कट्टर सनातनी हैं।" उन्होंने तमिलनाडु की एक घटना पर दुख व्यक्त किया, जहाँ कथित तौर पर भगवान राम का पोस्टर जलाया गया था, लेकिन देश में किसी ने आवाज नहीं उठाई। उन्होंने ऐसे लोगों को रावण का वंशज बताते हुए उन्हें फाँसी देने की मांग की।

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हिंदू राष्ट्र हर हिंदू के दिल में चाहिए

पंडित शास्त्री ने कहा कि अब हिंदू डरने वाला नहीं रहा। उन्होंने हिंदू राष्ट्र की अपनी मांग पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "हमें सरकार के कागजों में हिंदू राष्ट्र नहीं चाहिए, बल्कि हर सनातनी के दिल में हिंदू राष्ट्र की भावना चाहिए।" उन्होंने जात-पात और क्षेत्रवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हिंदू एकजुट नहीं हुए तो हालात कश्मीर जैसे हो जाएंगे। उन्होंने लोगों से बच्चों को संपत्ति या व्यापार के बजाय 'संस्कार' देने की अपील की, ताकि धर्म विरोधी ताकतें उनका धर्मांतरण न करा सकें।

33 करोड़ देवता हैं, मजार पर चादर न चढ़ाएं

महंत शास्त्री ने सनातन धर्म में देवताओं की संख्या का उल्लेख करते हुए कहा, "हमारे पास 33 करोड़ देवता हैं। कम पड़ें तो नया भगवान बना लो, लेकिन किसी मजार पर चादर चढ़ाने मत जाओ।"

पदयात्रा की घोषणा और सफाईकर्मियों का सम्मान

अपने प्रवचन से पहले उन्होंने जौरा नगर पालिका के 13 सफाई कर्मचारियों से हनुमान जी की आरती करवाई। उन्होंने यह भी बताया कि 7 नवंबर को दिल्ली के कात्यायिनी मंदिर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू होगी, जो 16 नवंबर को वृंदावन में समाप्त होगी।

 

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