Edited By Rohini Oberoi,Updated: 07 Jan, 2026 11:40 AM

बढ़ते ईंधन के दामों और टैक्सी ऐप्स पर अचानक बढ़ने वाले 'सर्ज प्राइस' (सर्ज फेयर) ने आम मुसाफिरों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। दिल्ली में हाल ही में सरकारी पहल के साथ 'भारत टैक्सी' की शुरुआत की गई है। अब सवाल यह है कि ओला, उबर, रैपिडो और भारत टैक्सी...
Bharat Taxi Fares: बढ़ते ईंधन के दामों और टैक्सी ऐप्स पर अचानक बढ़ने वाले 'सर्ज प्राइस' (सर्ज फेयर) ने आम मुसाफिरों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। दिल्ली में हाल ही में सरकारी पहल के साथ 'भारत टैक्सी' की शुरुआत की गई है। अब सवाल यह है कि ओला, उबर, रैपिडो और भारत टैक्सी में से आपकी यात्रा के लिए सबसे किफायती विकल्प कौन सा है?
भारत टैक्सी: फिक्स्ड रेट का फायदा
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी ताकत इसकी पारदर्शी कीमत है। प्राइवेट कंपनियों के उलट यहां बारिश, ऑफिस रश या त्योहारों के समय किराया नहीं बढ़ता।
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बेस फेयर: पहले 4 किमी के लिए ₹30 से शुरू।
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4 से 12 किमी: ₹23 प्रति किलोमीटर।
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12 किमी से ऊपर: ₹18 प्रति किलोमीटर।
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कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं: भीड़ या खराब मौसम में भी रेट स्थिर रहते हैं।

ओला और उबर (Ola & Uber): कब हैं सस्ते?
सामान्य घंटों (नॉन-पीक ऑवर्स) में ओला मिनी और उबर गो अक्सर सबसे सस्ते विकल्प नजर आते हैं। इनका किराया शहर और ट्रैफिक के आधार पर ₹12 से ₹20 प्रति किलोमीटर के बीच रहता है। अगर आप दोपहर के समय या कम ट्रैफिक वाले समय में छोटी दूरी की यात्रा कर रहे हैं तो ये भारत टैक्सी से सस्ते पड़ सकते हैं।

पीक ऑवर्स और खराब मौसम का खेल
जब ऑफिस जाने का समय हो, भारी बारिश हो या वीकेंड हो तब 'डायनेमिक प्राइसिंग' लागू होती है।
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महंगा सफर: ओला और उबर के किराए सामान्य से डेढ़ से दो गुना तक बढ़ जाते हैं।
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बचत का मौका: ऐसी स्थिति में भारत टैक्सी, ओला-उबर के मुकाबले 20% से 30% तक सस्ती बैठती है क्योंकि इसका रेट फिक्स रहता है।

रैपिडो (Rapido): कम दूरी का किफायती राजा
अकेले यात्रा करने वालों और ट्रैफिक से बचने वालों के लिए बाइक टैक्सी सबसे बेस्ट है। छोटी दूरी के लिए रैपिडो आमतौर पर कैब के मुकाबले आधे से भी कम दाम में पहुंचा देती है। उबर मोटो भी इसी सेगमेंट में कड़ी टक्कर देता है।