Edited By Tanuja,Updated: 07 Jan, 2026 12:09 PM

ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी रिपब्लिकन नेताओं ने दावा किया है कि इन आंदोलनों से खामेनेई शासन की पकड़ ढीली पड़ रही है। महंगाई, आर्थिक संकट और दमन के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन फैलते जा रहे हैं।
International Desk: अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी की हाउस कमेटी ऑन फॉरेन अफेयर्स ने कहा है कि ईरान में भड़क रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शन देश पर शासन कर रहे खामेनेई नेतृत्व की पकड़ को कमजोर कर रहे हैं। कमेटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारी उठ खड़े हुए हैं और पूरे-पूरे शहरों पर दावा कर रहे हैं। ईरानी जनता तानाशाह अयातुल्ला खामनेई और उसके हिंसक मुल्लाओं से तंग आ चुकी है इसलिए इस तानाशाह का अंत भी निकट है। ये प्रदर्शन गवाह हैं कि खामनेई की ईरानी शासन की पकड़ अब ढीली पड़ रही है।” इस बीच ईरान के पूर्व युवराज रज़ा पहलवी ने कहा कि ईरानी जनता पहले से कहीं ज्यादा खामेनेई शासन को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “इतने वर्षों में मैंने कभी ऐसा मौका नहीं देखा जैसा आज ईरान में है। 100 से ज्यादा शहरों में लाखों लोग सड़कों पर हैं और ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ व ‘इस शासन का अंत करो’ के नारे लगा रहे हैं।” हालांकि, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर की रिपोर्ट के अनुसार 5 और 6 जनवरी को प्रदर्शनों की रफ्तार 2 से 4 जनवरी की तुलना में थोड़ी घटी है। माना जा रहा है कि ईरानी सरकार हालात को संभालने के लिए आर्थिक रियायतें देने की कोशिश कर रही है। संसद ने 5 जनवरी को 2026-27 के संशोधित बजट को मंजूरी दी, जिसमें जरूरी वस्तुओं पर सब्सिडी शामिल है। अल जज़ीरा के मुताबिक, ईरान में विरोध प्रदर्शन जंगल की आग की तरह फैल रहे हैं, जबकि भारी संख्या में सशस्त्र सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद सरकार हालात काबू में नहीं कर पा रही है। इलाम प्रांत के अबदानान शहर में हजारों लोग जिनमें बच्चे भी शामिल थे सड़कों पर उतरे। हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या सुरक्षा बलों से कहीं ज्यादा दिखी।
इसी प्रांत की राजधानी इलाम में सुरक्षाबलों ने इमाम खुमैनी अस्पताल में घुसकर प्रदर्शनकारियों की तलाश और गिरफ्तारियां कीं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह दिखाता है कि ईरानी अधिकारी असहमति कुचलने के लिए कितनी दूर जा सकते हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार, झड़पों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि एक पुलिसकर्मी के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है। ईरान इस समय दुनिया की सबसे ज्यादा महंगाई झेलने वाले देशों में शामिल है। खासकर खाने-पीने की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं। तेहरान के खुले बाजार में ईरानी रियाल 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14.7 लाख तक गिर गया है, जो जनता और निवेशकों के भरोसे में भारी गिरावट को दर्शाता है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की सरकार ने हालात संभालने का दावा किया है, लेकिन आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है।