Edited By Kalash,Updated: 10 Feb, 2026 06:39 PM

पंजाब में महिलाओं के बीच कैंसर को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
चंडीगढ़ : पंजाब में महिलाओं के बीच कैंसर को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। हाल में सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य में रोजाना औसतन करीब आठ महिलाओं की जान कैंसर के कारण जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद सत्र के दौरान जो जानकारी सांझा की है, उसके मुताबिक वर्ष 2021 से 2025 के बीच पांच साल की अवधि में पंजाब में कुल 13,299 महिलाओं की मौत कैंसर से दर्ज की गई है।
आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों की सबसे बड़ी वजह ब्रेस्ट कैंसर है। इसके अलावा सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर भी बड़ी संख्या में महिलाओं की जान ले रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यह बीमारी आमतौर पर अधिक उम्र की महिलाओं में देखी जाती थी, लेकिन अब 40 से 45 वर्ष की आयु वर्ग में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो एक गंभीर संकेत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण हैं, जिनमें हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों की कमी और मातृत्व से जुड़े कारक शामिल हैं। डॉक्टरों का मानना है कि समय रहते जांच और जागरूकता से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित सेल्फ-एग्जामिनेशन, समय-समय पर मेडिकल जांच, एचपीवी टीकाकरण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से बचाव संभव है। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि शिशुओं को स्तनपान कराने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम घट सकता है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here