Edited By Ramanjot,Updated: 10 Feb, 2026 10:32 PM

राजधानी दिल्ली के पश्चिमी इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पीरागढ़ी फ्लाईओवर की सर्विस लेन पर खड़ी एक कार से तीन लोगों के शव बरामद किए गए। रविवार दोपहर सामने आई इस घटना ने पुलिस और स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया।
नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली के पश्चिमी इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पीरागढ़ी फ्लाईओवर की सर्विस लेन पर खड़ी एक कार से तीन लोगों के शव बरामद किए गए। रविवार दोपहर सामने आई इस घटना ने पुलिस और स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया। शुरुआती तौर पर इसे सामूहिक आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला एक रहस्यमयी तांत्रिक के इर्द-गिर्द घूमने लगा।
पुलिस ने इस मामले में एक सेल्फ-स्टाइल्ड तांत्रिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब मौत के पीछे जहर, ठगी या सुनियोजित हत्या—तीनों संभावनाओं को खंगाल रही हैं।
मृतकों की पहचान और शुरुआती जांच
कार से जिन तीन शवों को बरामद किया गया, उनकी पहचान रणधीर सिंह (76), शिव नरेश सिंह (47) और लक्ष्मी देवी (40) के रूप में हुई है। रणधीर और शिव नरेश पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे और नजफगढ़ के बापरोला इलाके में रहते थे, जबकि लक्ष्मी देवी जहांगीरपुरी की निवासी थीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में शवों पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि कार के अंदर संदिग्ध पदार्थ मिलने की बात सामने आ रही है, जिससे जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। मौत के असली कारण का खुलासा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
CCTV से खुला तांत्रिक एंगल
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। फुटेज के मुताबिक, तीनों मृतक रविवार सुबह करीब 10:30 बजे पीरागढ़ी इलाके में एक तांत्रिक से मिले थे। इसके बाद वे रिंग रोड के रास्ते उत्तर-पूर्वी दिल्ली की ओर गए और दोपहर करीब 3 बजे वापस लौटे।
वीडियो में तांत्रिक को कार की अगली सीट पर रणधीर सिंह के पास बैठा देखा गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि लक्ष्मी देवी तांत्रिक को पहले से जानती थीं और संभव है कि उन्हीं के जरिए बाकी दोनों की उससे पहचान हुई हो।
तांत्रिक का दावा और संदिग्ध इतिहास
हिरासत में लिया गया तांत्रिक खुद को तंत्र-मंत्र के जरिए पैसा बढ़ाने का दावा करने वाला बताता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह साधारण कपड़ों में रहता है और बाहर से किसी बाबा या साधु जैसा नजर नहीं आता, लेकिन उसका आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर है।
बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। कुछ पुराने मामलों में उसके संपर्क में आए लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत या गुमशुदगी की बातें भी सामने आई थीं, हालांकि ठोस सबूतों के अभाव में वह हर बार बचता रहा।
हर एंगल से जांच जारी
फिलहाल दिल्ली पुलिस इस केस को हत्या, जहर देकर मौत और सामूहिक आत्महत्या—तीनों दृष्टिकोण से जांच रही है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी।
यह मामला एक बार फिर तंत्र-मंत्र और चमत्कार के नाम पर होने वाली ठगी और उससे जुड़ी खतरनाक साजिशों की ओर इशारा करता है, जिसने दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।