संसार की कोई भी वस्तु प्राप्त करना चाहते हैं तो आज करें विशेष उपाय

Edited By Updated: 22 Aug, 2015 08:46 AM

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सावन का पूरा महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। अपनी मनभावन इच्छाओं की प्राप्ति के लिए सारा महीना ही विभिन्न उपायों एवं अनुष्ठानों द्वारा भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है लेकिन विशिष्ट तिथियों पर खास पूजन से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है।

सावन का पूरा महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। अपनी मनभावन इच्छाओं की प्राप्ति के लिए सारा महीना ही विभिन्न उपायों एवं अनुष्ठानों द्वारा भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है लेकिन विशिष्ट तिथियों पर खास पूजन से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। 
 
आज श्रावण शुक्ल अष्टमी है। आज के दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से संसार की कोई भी वस्तु प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त आज के दिन लाल रंग की वस्तुओं का दान करें जैसे लाल वस्त्र, लाल फल, लाल फूल और अन्य लाल वस्तुओं का दान करें।
 
जानें क्या पुण्य फल मिलता है विभिन्न वस्तुओं से रुद्राभिषेक करने का
 
पंचामृत : पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने पर हर प्रकार के कष्टों का निवारण होता है।
 
दूध : गाय के दूध से रुद्राभिषेक करने से मनुष्य को यश और लक्ष्मी की प्राप्ति होती है तथा घर में खुशहाली आती है। घर से हर प्रकार के कलह एवं कलेश दूर होते हैं।
 
गंगाजल : भगवान शंकर को गंगा जल परम प्रिय है, इसी कारण गंगा को भगवान शिव ने अपनी जटाओं में धारण कर रखा है। 
 
देसी घी : गाय के शुद्ध देसी घी से अभिषेक करने पर मनुष्य दीर्घायु को प्राप्त करता है तथा वंश की वृद्धि होती है।
 
गन्ने का रस : गन्ने के रस से अभिषेक करने पर घर में लक्ष्मी का सदा वास  रहता है तथा किसी वस्तु की कभी कोई कमी नहीं रहती।
 
सरसों का तेल : सरसों के तेल के साथ रुद्राभिषेक करने पर शत्रुओं का नाश होता है तथा स्वयं को हर क्षेत्र में विजय की प्राप्ति होती है।
 
सुगंधित तेल : यह चढ़ाने से भोगों की प्राप्ति होती है।
 
शहद : शहद से अभिषेक करने पर हर प्रकार के रोगों का निवारण होता है तथा यदि पहले ही कोई रोग लगा हो तो उससे छुटकारा भी मिलता है।
 
मक्खन : मक्खन से अभिषेक करने पर अति उत्तम संतान सुख की प्राप्ति होती है।
 
धतूरा : धतूरे के एक लाख फूलों से निरंतर अभिषेक करने पर शुभ फल की प्राप्ति होती है परंतु लाल डंठल वाले धतूरे से पूजन करना अति उत्तम माना गया है तथा संतान सुख मिलता है।
 
बेल पत्र : घर में सुख समृद्धि के लिए सावन के महीने में बेल पत्र से पूजन करना चाहिए तथा जिन्हें पत्नी सुख की प्राप्ति मेें बाधाएं आती हों, उन्हें 40 दिन तक निरंतर भक्ति भाव से बेल पत्र से भगवान का अभिषेक करना चाहिए अथवा एक दिन 108 बेलपत्र ओम नमो शिवाय मंत्र के उच्चारण के साथ चढ़ाए जाने चाहिएं।
 
चमेली के फूल : चमेली के फूलों से पूजन पर वाहन सुख की प्राप्ति होती है।
 
कमल पुष्प और शंख पुष्प : इन फूलों से भगवान का पूजन करने वालों को लक्ष्मी यानि धन दौलत की प्राप्ति होती है। भगवान को नीलकमल और लाल कमल अतिप्रिय है। इसके अतिरिक्त जल एवं स्थल पर उत्पन्न होने वाले सभी सुगंधित फूलों से भगवान शिव का पूजन किया जा सकता है।
 
करवीर और दुपहरिया  पुष्प : करवीर के फूलों से पूजन करने पर रोग मिट जाते हैं तथा दुपहरिया यानि बंधूक के पुष्पों से प्रभु का पूजन करने से आभूषणों की प्राप्ति होती है।
 
हरसिंगार के फूल : भगवान शिव का पूजन करने पर घर में सुख सम्पत्ति की प्राप्ति होती है।
 

गेहूं के पकवान : गेहूं के पकवानों से भगवान का पूजन करने पर उत्तम फल की प्राप्ति होती है तथा वंश की वृद्धि होती है। 

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