अडानी ग्रुप की ‘ताकत’ हुई कम, ICRA ने रेटिंग आउटलुक किया ‘निगेटिव’

Edited By Updated: 04 Mar, 2023 03:28 PM

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डानी समूह के बुरे दिन जाने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने गौतम अडानी के ग्रुप की दो कंपनियों का रेटिंग आउटलुक ‘स्थिर’ से ‘निगेटिव’ कर दिया है। ये दो कंपनियां अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और अडानी टोटल गैस हैं। हिंडनबर्ग...

नई दिल्लीः अडानी समूह के बुरे दिन जाने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने गौतम अडानी के ग्रुप की दो कंपनियों का रेटिंग आउटलुक ‘स्थिर’ से ‘निगेटिव’ कर दिया है। ये दो कंपनियां अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और अडानी टोटल गैस हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद से अडानी समूह साख के संकट का सामना कर रहा है और अब साख तय करने वाली एजेंसी इक्रा ने इस तरह से अडानी ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियों के रेटिंग आउटलुक में संशोधन कर दिया है। हालांकि अभी कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग से छेड़छाड़ नहीं की गई है।

होगी अडानी की कंपनियों की निगरानी

इक्रा का कहना है कि वह अडानी ग्रुप की घरेलू और वैश्विक बाजारों से प्रतिस्पर्धी दरों पर इक्विटी या बॉन्ड के जरिए कर्ज जुटाने की क्षमता पर नजर रखेगी। इक्रा ने कहा कि ग्रुप की कंपनियों पर रेग्युलेटरी या कानूनी जांच का जोखिम है। वहीं अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद समूह की कंपनियों के शेयर प्राइस में तेज गिरावट देखने को मिली है।

इसके अलावा अडानी टोटल गैस को बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत है। इसके लिए उसे भारी मात्रा में कर्ज जुटाना होगा जबकि अडानी समूह के मौजूदा संकट से इस पर उल्टा असर हो सकता है। इसलिए इक्रा दोनों कंपनियों के कर्ज गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव की निगरानी करेगी।

इस वजह बदला रेटिंग आउटलुक

इक्रा का कहना है कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के चलते अडानी समूह की मजबूत वित्तीय स्थिति पहले से कमजोर हुई है। वहीं समूह की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर भी असर पड़ा है। वहीं अडानी ग्रुप ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से बॉन्ड के जरिए जो राशि जुटाई गई थी, उसके यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से उसने समूह की इन दो कंपनियों का रेटिंग आउटलुक संशोधित किया है।

हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कंपनियों के शेयरों में गड़बड़ी और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। हालांकि समूह ने आरोपों को आधारहीन बताते हुए उसे पूरी तरह खारिज कर दिया था।

अडानी पोर्ट्स की ‘ताकत’ हुई कम

रेटिंग एजेंसी का कहना है कि अडानी ग्रुप की मजबूत वित्तीय स्थिति तो कमजोर हुई ही है। साथ ही अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल एकोनॉमिक जोन लिमिटेड की प्रमुख ताकत यानी कर्ज के बड़े हिस्से को लौटाने के ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ पर विपरीत असर हुआ है।

रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि कंपनी की कर्ज को लेकर स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। कंपनी ने जो अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड के जरिए 65 करोड़ डॉलर का कर्ज ले रखा है, उसे 2024-25 में लौटाना है।

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